Greater Noida Women Protest: जन आक्रोश महिला पदयात्रा में सैकड़ों महिलाओं की भागीदारी, नारी सम्मान और अधिकारों को लेकर उठी आवाज

Greater Noida Women Protest: जन आक्रोश महिला पदयात्रा में सैकड़ों महिलाओं की भागीदारी, नारी सम्मान और अधिकारों को लेकर उठी आवाज
ग्रेटर नोएडा में महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक बड़ी जन आक्रोश महिला पदयात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों महिलाओं और युवतियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित इस पदयात्रा ने क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक हलचल तेज कर दी। चिलचिलाती धूप के बावजूद भारी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने इस मुद्दे की गंभीरता और जनसमर्थन को साफ तौर पर दर्शाया।
यह पदयात्रा आई.आई.एम.टी. कॉलेज से शुरू होकर जगत फार्म गोलचक्कर तक निकाली गई। पूरे मार्ग में महिलाओं, युवतियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की सदस्याओं ने नारी सशक्तिकरण के समर्थन में आवाज बुलंद की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को मजबूत करना था।
इस आयोजन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष राज नागर ने किया। उनके साथ कई स्थानीय पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए यह संदेश दिया कि वे अपने अधिकारों को लेकर अब पहले से अधिक जागरूक और संगठित हैं।
कार्यक्रम में महामेधा नागर और अभिषेक शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों नेताओं ने अपने संबोधन में महिलाओं की भूमिका, समान अधिकार और समाज में उनकी बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उन्हें हर स्तर पर सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
अभिषेक शर्मा ने अपने भाषण में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने वर्षों तक महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज किया। उन्होंने दावा किया कि 1996 से महिलाओं के अधिकारों से जुड़े विधेयकों को रोका गया और राजनीतिक कारणों से उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार ने महिलाओं के हित में ठोस कदम उठाए हैं, लेकिन विपक्ष ने उनका विरोध किया।
वहीं महामेधा नागर ने बताया कि यह पदयात्रा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न हो पाने के विरोध में निकाली गई। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा देशभर की महिलाओं की भावनाओं से जुड़ा है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं और किसी भी प्रकार के अन्याय को सहन न करें।
इस पदयात्रा ने ग्रेटर नोएडा में महिलाओं के मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर न केवल जागरूक हैं, बल्कि उन्हें हासिल करने के लिए संगठित रूप से आगे भी आ रही हैं।





