Noida Industrial Recovery: हिंसा के बाद पटरी पर लौटी फैक्टरियां, श्रमिकों की वापसी से कामकाज सामान्य

Noida Industrial Recovery: हिंसा के बाद पटरी पर लौटी फैक्टरियां, श्रमिकों की वापसी से कामकाज सामान्य
नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होते नजर आ रहे हैं। हालिया हिंसा के बाद गुरुवार को शहर की फैक्टरियों में पहले की तरह कामकाज शुरू हो गया, जिससे उद्योगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर औद्योगिक इकाइयों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
शासन के निर्देशों के अनुसार बढ़े हुए वेतन को लेकर फैक्टरियों के बाहर बैनर और होर्डिंग लगा दिए गए हैं, जिससे श्रमिकों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। जानकारी के मुताबिक मई महीने से श्रमिकों को बढ़ा हुआ वेतन मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे उनकी नाराजगी भी कम होने की उम्मीद है।
सोमवार को हुए हिंसक घटनाक्रम के बाद से श्रमिकों की उपस्थिति में लगातार सुधार देखा जा रहा है। बुधवार के मुकाबले गुरुवार को अधिक संख्या में श्रमिक अपने काम पर लौटे। उद्यमियों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और उत्पादन पहले की तरह सुचारू रूप से चलने लगेगा।
अपैरल पार्क क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने बताया कि फैक्टरियों में श्रमिकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कुछ श्रमिक जो घटना के बाद अपने गांव लौट गए थे, उन्हें भी वापस बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंसा में स्थानीय श्रमिकों की भूमिका नहीं थी, बल्कि बाहरी और असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ा। उन्होंने प्रशासन से ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
वहीं, फेज-2 क्षेत्र में औद्योगिक इकाई संचालक और एनईए के उपाध्यक्ष मोहन सिंह ने बताया कि श्रमिकों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और उनके साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश इकाइयों में 50 से 80 प्रतिशत कर्मचारी काम पर लौट चुके हैं, जो उद्योगों के लिए सकारात्मक संकेत है।
कुल मिलाकर, प्रशासनिक सतर्कता, वेतन बढ़ोतरी और बेहतर संवाद के चलते नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और उत्पादन गतिविधियां फिर से रफ्तार पकड़ रही हैं।





