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Noida Violence Action: नोएडा में सख्त प्रशासनिक एक्शन, उपद्रव पर जीरो टॉलरेंस, एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट की चेतावनी

Noida Violence Action: नोएडा में सख्त प्रशासनिक एक्शन, उपद्रव पर जीरो टॉलरेंस, एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट की चेतावनी

रिपोर्ट: अमर सैनी

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हालिया हिंसा के बाद प्रशासन और पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। हालात को सामान्य करने और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए व्यापक स्तर पर सख्त कदम उठाए गए हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, वहीं लगातार फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

प्रशासन ने बुधवार से 11,098 औद्योगिक इकाइयों और शैक्षणिक संस्थानों को दोबारा खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। इस कदम से जनजीवन को पटरी पर लाने और उद्योगों को फिर से गति देने की कोशिश की जा रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच कर्मचारियों और छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

इसी क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को तय न्यूनतम वेतन समय पर दिया जाना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी एजेंसी या उसके कर्मचारियों की ओर से किसी भी प्रकार का उपद्रव या हिंसा की घटना सामने आती है, तो संबंधित एजेंसी को तत्काल ब्लैकलिस्ट कर उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

गौरतलब है कि सोमवार को वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हुए बवाल में 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की गई थी और 10 हजार से ज्यादा वाहनों को नुकसान पहुंचा था। इस घटना के बाद उद्योग जगत में भय का माहौल बन गया था, जिसे देखते हुए प्रशासन ने करीब 6 हजार जवानों की तैनाती कर सुरक्षा को अभेद्य बना दिया है। साथ ही अन्य जिलों की पुलिस फोर्स को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी ने संयुक्त रूप से कहा है कि पत्थरबाजी, हिंसा या किसी भी प्रकार की अराजकता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे निडर होकर अपने काम पर लौटें। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया गया है कि उनकी सुरक्षा और अधिकारों की पूरी रक्षा की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि नोएडा के औद्योगिक माहौल को फिर से स्थिर और सुरक्षित बनाया जाए ताकि विकास की गति प्रभावित न हो।

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