उत्तर प्रदेश : हनुमान जयंती पर मेरठ रेंज में कड़ी सुरक्षा, 65 शोभायात्राएं और 137 कार्यक्रम आयोजित

Meerut/Hapur : हनुमान जयंती के अवसर पर मेरठ रेंज में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इस दौरान कुल 65 शोभायात्राएं और 137 अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पूजा-अर्चना, भंडारा और सांस्कृतिक आयोजन शामिल हैं। पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए 2215 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

मेरठ रेंज के अंतर्गत आने वाले जिलों में सुरक्षा के लिए 5 अपर पुलिस अधीक्षक, 23 क्षेत्राधिकारी, 85 निरीक्षक, 362 उपनिरीक्षक, 555 मुख्य आरक्षी, 770 आरक्षी और 415 होमगार्ड तथा पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा एक कंपनी पीएसी भी तैनात की गई है। पूरे क्षेत्र में कुल 288 हनुमान मंदिर हैं, जिनमें मेरठ में 95, बुलंदशहर में 113, बागपत में 26 और हापुड़ में 54 मंदिर शामिल हैं।

शोभायात्राओं के दौरान 57 स्थानों को संवेदनशील और हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इन स्थानों में मेरठ के 7, बुलंदशहर के 37 और हापुड़ के 13 क्षेत्र शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी और लगातार पुलिस पेट्रोलिंग भी की जाएगी।

प्रशासन ने आयोजन से पहले शांति समितियों, धर्मगुरुओं और स्थानीय नागरिकों के साथ व्यापक स्तर पर बैठकें की हैं। विभिन्न विभागों जैसे नगर निगम, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आयोजकों के साथ भी कई दौर की बैठकें कर कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है।

हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस अवसर पर मंदिरों में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। कार्यक्रमों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी और पिछले वर्षों के विवादों का पहले ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस को हर छोटी घटना को गंभीरता से लेने, विवादित स्थलों का पूर्व निरीक्षण करने और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। अग्नि और विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए फायर सर्विस की भी व्यवस्था की गई है।

सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी, साथ ही अफवाहों का प्रभावी खंडन किया जाएगा।

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