Greater Noida Illegal Construction: बिसरख में अवैध निर्माण गिराने पहुंची प्राधिकरण की टीम का विरोध, बिना कार्रवाई लौटी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख गांव में कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त करने पहुंची ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और पुलिस की संयुक्त टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने नारेबाजी की और अधिकारियों के साथ अभद्रता करने का आरोप है। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए टीम बिना ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए वापस लौट गई। प्राधिकरण ने इस मामले में मुख्य आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है और अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्राधिकरण के परियोजना विभाग को शिकायत मिली थी कि बिसरख गांव में खसरा संख्या 334 की जमीन पर कुछ किसानों, कथित भूमाफियाओं और कॉलोनाइजरों ने बिना अनुमति भूमि उपयोग बदलकर निर्माण शुरू कर दिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लोगों को प्लॉट बेचने के लिए कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया जा रहा है और बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद परियोजना विभाग ने संबंधित लोगों के खिलाफ पहले धारा-10 के तहत नोटिस जारी किए थे और मुनादी भी कराई गई थी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के तहत भी कई बार अवैध निर्माण रुकवाने की कार्रवाई की गई। हालांकि, प्राधिकरण का आरोप है कि इसके बावजूद चोरी-छिपे निर्माण कार्य जारी रखा गया।
अधिकारी के अनुसार, शनिवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम पुलिस बल के साथ निर्माण ध्वस्त करने पहुंची थी। इस दौरान कुछ किसान, कॉलोनाइजर और कथित किसान यूनियन के नेता व कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए। आरोप है कि उन्होंने नारेबाजी और गाली-गलौज शुरू कर दी, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए पुलिस और प्राधिकरण की टीम को वापस लौटना पड़ा।
प्राधिकरण ने इस मामले में बिसरख गांव निवासी कुलदीप भाटी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। साथ ही, अन्य कॉलोनाइजरों और कथित किसान यूनियन से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। कोतवाली प्रभारी के मुताबिक, रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


