Meerut Sports Industry: मेरठ बना स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग हब, यूपी बनेगा ग्लोबल पावरहाउस

Meerut Sports Industry: मेरठ बना स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग हब, यूपी बनेगा ग्लोबल पावरहाउस
Meerut देश के स्पोर्ट्स इक्विपमेंट सेक्टर में तेजी से उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है। NITI Aayog की हालिया रिपोर्ट में भी इस बात पर जोर दिया गया है कि यदि पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक और मजबूत नीतिगत समर्थन मिले, तो भारत वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी कई गुना बढ़ा सकता है। इस दिशा में Uttar Pradesh सरकार की औद्योगिक नीतियां मेरठ को नई पहचान दिला रही हैं।
मेरठ लंबे समय से स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां 250 से अधिक निर्यात इकाइयां, 1000 से ज्यादा घरेलू यूनिट्स, 4000 से अधिक सूक्ष्म उद्यम और करीब 20 हजार छोटे उत्पादन केंद्र सक्रिय हैं। क्रिकेट बैट, फुटबॉल, बॉक्सिंग ग्लव्स और जिम उपकरण जैसे उत्पाद यहां बड़े पैमाने पर बनाए जाते हैं। अब राज्य सरकार इन पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक और ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर फोकस कर रही है।
सरकार की औद्योगिक नीतियों के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है। बेहतर सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं ने निर्यात को आसान और तेज बनाया है। साथ ही एमएसएमई सेक्टर को वित्तीय सहायता, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी अपग्रेडेशन से जोड़ा जा रहा है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता दोनों में सुधार हो रहा है।
केंद्र सरकार के बजट 2026 में स्पोर्ट्स गुड्स सेक्टर के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे इस उद्योग को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की वैश्विक स्पोर्ट्स इक्विपमेंट निर्यात में हिस्सेदारी अभी करीब 0.5 प्रतिशत है, जिसे 2036 तक बढ़ाकर 11 प्रतिशत यानी लगभग 8.1 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि कच्चे माल की लागत, आयात शुल्क और तकनीकी चुनौतियां अभी भी इस क्षेत्र के सामने बड़ी बाधाएं हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान की दिशा में लगातार काम कर रही है।
आधुनिक मशीनरी, ब्रांडिंग और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देकर स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में Commonwealth Games 2030 और संभावित ओलंपिक 2036 जैसे बड़े आयोजनों से स्पोर्ट्स इक्विपमेंट की मांग में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
पश्चिमी यूपी में Noida और Greater Noida क्षेत्र इस इंडस्ट्री के लिए लॉजिस्टिक गेम चेंजर बनते जा रहे हैं। Noida International Airport और आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब से निर्यात की लागत कम होगी और ट्रांजिट टाइम घटेगा। इससे मेरठ जैसे पारंपरिक क्लस्टरों को सीधा फायदा मिलेगा और पूरा क्षेत्र एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट जोन के रूप में उभरेगा।
कुल मिलाकर, राज्य सरकार की नीतियों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल डिमांड के चलते उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी एक अहम भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।





