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उत्तर प्रदेश : मेरठ में वृहद IT हब की मांग, सांसद अरुण गोविल ने संसद में उठाया मुद्दा

Hapur/Meerut : मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल ने संसद में नियम 377 के अंतर्गत मेरठ में वृहद IT हब की स्थापना का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे क्षेत्र के युवाओं के रोजगार, औद्योगिक विकास और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति से जुड़ा अत्यंत आवश्यक विषय बताया।

सांसद ने अपने वक्तव्य में कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के तहत 5 सितंबर 2017 को वेदव्यासपुरी, मेरठ में Software Technology Parks of India केंद्र की आधारशिला रखी गई थी, जिसका उद्घाटन 28 दिसंबर 2021 को हुआ। वर्तमान में यह IT पार्क लगभग 25 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में संचालित है, जिसमें 133 सीटों की क्षमता है और करीब 10 आईटी कंपनियां कार्यरत हैं।

उन्होंने बताया कि मेरठ और आसपास के जिलों के लगभग 10 हजार युवा आज भी बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में आईटी क्षेत्र में रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर हैं, जबकि मेरठ की भौगोलिक स्थिति, दिल्ली से निकटता और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसी आधुनिक कनेक्टिविटी इसे आईटी निवेश के लिए उपयुक्त बनाती है।

सांसद ने कहा कि वर्तमान STPI केंद्र की सीमित क्षमता के कारण स्थानीय प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं और बड़े स्तर पर राष्ट्रीय व वैश्विक आईटी कंपनियों को आकर्षित करना भी संभव नहीं हो पा रहा है।

इस विषय पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने जवाब देते हुए मेरठ स्थित STPI केंद्र की वर्तमान स्थिति, वहां कार्यरत कंपनियों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि STPI केंद्रों के माध्यम से आईटी और आईटीईएस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

हालांकि, सांसद गोविल ने जोर देकर कहा कि वर्तमान व्यवस्थाएं मेरठ जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मेरठ-प्रयागराज एक्सप्रेसवे के समीप प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 250 हेक्टेयर भूमि पर एक वृहद IT हब विकसित करने की ठोस योजना बनाई जाए।

उन्होंने कहा कि ऐसा IT हब न केवल स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आईटी क्षेत्र में नई पहचान दिलाने, निवेश आकर्षित करने और निर्यात को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा। सांसद ने केंद्र सरकार से इस दिशा में जल्द ठोस और दूरदर्शी निर्णय लेने का आग्रह किया है, ताकि क्षेत्र के युवाओं को अपने ही शहर में बेहतर अवसर मिल सकें।

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