Mera Yuva Bharat Programme: देशभर में 201 कार्यक्रम आयोजित, 11,919 युवाओं ने लिया भाग

Mera Yuva Bharat Programme: देशभर में 201 कार्यक्रम आयोजित, 11,919 युवाओं ने लिया भाग
केंद्र सरकार की पहल ‘मेरा युवा भारत’ कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक परिस्थितियों से परिचित कराना है, ताकि उनमें आपसी समझ, सहयोग और राष्ट्र के प्रति जुड़ाव की भावना मजबूत हो सके।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अलग-अलग राज्यों और जिलों के साथियों से मिलने का अवसर मिलता है। साथ ही उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध विकास और करियर से जुड़े अवसरों की जानकारी भी दी जाती है। इससे युवाओं के दृष्टिकोण का विस्तार होता है और वे देश की विविधता को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
‘मेरा युवा भारत’ के तहत कई प्रमुख युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें अंतर-राज्यीय युवा विनिमय कार्यक्रम (आईएसवाईईपी) और अंतर-जिला युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम (आईडीवाईईपी) प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा गृह मंत्रालय के सहयोग से जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम (टीवाईईपी) और कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम (केवाईईपी) भी आयोजित किए जाते हैं। इन योजनाओं के जरिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान इन सभी योजनाओं के तहत देशभर में कुल 201 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में कुल 11,919 युवाओं ने भाग लिया और विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम युवाओं को देश की विविधता और साझा विरासत को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
आंकड़ों के अनुसार अंतर-जिला युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम (आईडीवाईईपी) के तहत 89 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 2,247 युवाओं ने भाग लिया। वहीं अंतर-राज्यीय युवा विनिमय कार्यक्रम (आईएसवाईईपी) के अंतर्गत 58 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 1,447 प्रतिभागी शामिल हुए। इसके अलावा जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम (टीवाईईपी) के तहत 24 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 4,787 युवाओं ने हिस्सा लिया।
कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम (केवाईईपी) के अंतर्गत 30 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 3,438 युवाओं ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, परंपराओं और विकास पहलों से परिचित कराना है, ताकि वे एक-दूसरे की जीवन शैली और सामाजिक परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिलता है। साथ ही “विविधता में एकता” की भावना को भी मजबूती मिलती है, जो भारत जैसे बहुसांस्कृतिक देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में सकारात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि ‘मेरा युवा भारत’ के तहत चल रहे ये कार्यक्रम देश के युवाओं को जोड़ने और उन्हें राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।





