Mandi Diadgi Development Projects: मुख्यमंत्री ने मंडी के दियाड़गी में 60 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाएं जनता को समर्पित की

Mandi Diadgi Development Projects: मुख्यमंत्री ने मंडी के दियाड़गी में 60 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाएं जनता को समर्पित की
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज मंडी जिला के एक दिवसीय दौरे के दौरान दियाड़गी क्षेत्र में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से विकसित 14 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क सुधार, सामुदायिक भवन, पुस्तकालय और जलापूर्ति योजनाएं शामिल हैं, जो क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
मुख्यमंत्री ने नाबार्ड के तहत 25.99 करोड़ रुपये की लागत से शिमला-मंडी सड़क वाया तत्तापानी (चैल चौक से बग्गी) के उन्नयन कार्य का उद्घाटन किया। इसके अलावा, 6.96 करोड़ रुपये की लागत से नेहरा से फगोह वाया कुथल, बगला, लोअर नातन मार्ग और कांशा खड्ड पर मोटरेबल पुल सहित सड़क परियोजना का भी लोकार्पण किया।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह का धनोटू में 2.75 करोड़ रुपये की लागत से, तहसील बल्ह के चम्यार में 12 लाख रुपये की लागत से पटवार भवन, ग्राम पंचायत कोटली में 14 लाख रुपये की लागत से ‘अपना पुस्तकालय’ और जाछ (झुंगी) में 55 लाख रुपये की लागत से कनिष्ठ अभियंता कार्यालय एवं आवास भवन का उद्घाटन किया। निचली बेहली में 37 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक केंद्र और जाच तथा फंगवास में 38-38 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक केंद्रों का लोकार्पण भी किया गया। इसके अलावा, ग्राम पंचायत पंडोह में 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुस्तकालय का उद्घाटन भी किया गया।
जलापूर्ति परियोजनाओं के तहत मुख्यमंत्री ने 3.08 करोड़ रुपये की लागत से तहसील सुंदरनगर के कई ग्राम पंचायतों के लिए उठाऊ जलापूर्ति योजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के अंतर्गत तहसील बल्ह की ग्राम पंचायत धाबन, लोहारा और टांडा की बस्तियों के लिए 3.14 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना तथा तहसील चच्योट की ग्राम पंचायत सैंज और नंदी के विभिन्न गांवों के लिए 11.57 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ जलापूर्ति योजना जनता को समर्पित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 3.67 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन गडोग नाला से बरनोग सड़क का शिलान्यास भी किया। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में सड़क, जल और सामाजिक ढांचे का विकास होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।





