उत्तर प्रदेश : आर्थिक समृद्धि से लोक कल्याण की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश, 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश

Lucknow News : 11 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। यह सरकार का दसवां बजट है, जिसमें सभी वर्गों और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया गया है। बजट का आकार पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है और कुल व्यय में पूंजी परिव्यय की हिस्सेदारी 19.5 प्रतिशत रखी गई है।

बजट दस्तावेज के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेश की सकल घरेलू आय 30.25 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2025-26 में इसके 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2016-17 में 54,564 रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 1,09,044 रुपये हो गई है और चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक इसके 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में हो रहा है।
आर्थिक और सामाजिक विकास के परिणामस्वरूप लगभग छह करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं। बेरोजगारी दर 2.24 प्रतिशत दर्ज की गई है। एसडीजी इंडिया सूचकांक में प्रदेश की रैंकिंग वर्ष 2018-19 के 29वें स्थान से सुधरकर वर्ष 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है। नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में स्थल-रुद्ध राज्यों में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की 16 हजार परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। बजट में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए राजकोषीय घाटा 2.98 प्रतिशत अनुमानित है, जो निर्धारित 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर है। ऋण-जीएसडीपी अनुपात 23.1 प्रतिशत रखने का लक्ष्य है। राजस्व बचत 64,457 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
औद्योगिक विकास पर विशेष बल देते हुए अवस्थापना और औद्योगिक विकास के बजट में 13 प्रतिशत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में 19 प्रतिशत, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स में 76 प्रतिशत और हथकरघा एवं वस्त्र क्षेत्र में पांच गुना वृद्धि की गई है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में 96 लाख इकाइयों और तीन करोड़ से अधिक रोजगार के साथ प्रदेश देश में अग्रणी है। प्रतिवर्ष एक लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। एक जनपद-एक उत्पाद की सफलता के बाद एक जनपद-एक व्यंजन योजना शुरू की गई है।
हथकरघा और वस्त्र उद्योग के लिए पीएम मित्र पार्क के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना तथा पावरलूम बुनकरों के लिए विशेष विद्युत दर योजना लागू है। वर्ष 2026-27 में इस क्षेत्र में 30 हजार और खादी एवं ग्रामोद्योग में 16 हजार नए रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में एआई मिशन के तहत एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना की घोषणा की गई है। आठ डाटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 900 मेगावॉट होगी।
सड़क अवसंरचना के विस्तार के लिए 34,468 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नार्थ-साउथ कॉरिडोर, राज्य एवं जिला मार्गों के चौड़ीकरण और औद्योगिक लॉजिस्टिक पार्कों के लिए संपर्क मार्गों के निर्माण पर बल दिया गया है।
कृषि क्षेत्र के बजट में 20 प्रतिशत वृद्धि की गई है। वर्ष 2026-27 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और 40.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए 30 प्रतिशत अधिक धनराशि आवंटित की गई है, जिससे 4.49 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजित होगी। नए नलकूपों और पुनर्निर्माण से 1.62 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षमता विकसित होगी। लखनऊ में एग्री मॉल तथा चंदौली और सिद्धार्थनगर में मत्स्य मंडी का निर्माण कराया जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में नए विद्युत उपकेंद्रों, कृषि फीडरों और पारेषण तंत्र के विस्तार पर जोर दिया गया है। पारेषण क्षमता वर्ष 2016-17 के 17,890 मेगावॉट से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 32,500 मेगावॉट हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 19 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 22 घंटे और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सौर, जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन के माध्यम से पांच वर्षों में 22,000 मेगावॉट अतिरिक्त उत्पादन का लक्ष्य है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 15 प्रतिशत वृद्धि की गई है। प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। आयुष्मान भारत- मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाएं जारी हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में सभी स्तरों पर बजट बढ़ाया गया है। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रत्येक जनपद में मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों की स्थापना और विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया जारी है। गोरखपुर में पूर्वांचल के पहले सैनिक स्कूल की स्थापना की गई है। मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत स्कूटी प्रदान की जा रही है।
महिला एवं बाल विकास योजनाओं के बजट में 11 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 38 लाख से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अनुदान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है।
संक्षेप में, वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट लोक कल्याण, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, कृषि उन्नयन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर अग्रसर करने वाला बताया जा रहा है।



