Noida mobile theft: नोएडा में मोबाइल चोरी का बड़ा खुलासा, 8 करोड़ के 821 फोन के साथ 8 आरोपी गिरफ्तार

Noida mobile theft: नोएडा में मोबाइल चोरी का बड़ा खुलासा, 8 करोड़ के 821 फोन के साथ 8 आरोपी गिरफ्तार
नोएडा एनसीआर में मोबाइल चोरी के एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए थाना फेज-2 पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। यह गिरोह बिहार और झारखंड से आकर नोएडा में किराए पर मकान लेकर कई महीनों तक चोरी की वारदातों को अंजाम देता था और फिर चोरी के मोबाइल ट्रेन के जरिए झारखंड और बिहार ले जाकर बेच देता था।
डीसीपी नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोविन्दा महतो निवासी भागलपुर बिहार उम्र करीब 32 वर्ष, रोहित सैनी निवासी बिसरख नोएडा उम्र करीब 20 वर्ष, श्याम कुमार राय निवासी साहिबगंज झारखंड उम्र करीब 23 वर्ष, भरतिया महतो निवासी साहिबगंज झारखंड उम्र करीब 35 वर्ष, शेखर निवासी साहिबगंज झारखंड उम्र करीब 25 वर्ष और प्रदीप कुमार निवासी साहिबगंज झारखंड उम्र करीब 32 वर्ष के रूप में हुई है। इसके अलावा दो नाबालिग भी इस गिरोह में शामिल पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी अलग-अलग गैंग बनाकर काम करते थे और पूरे एनसीआर क्षेत्र को अपना निशाना बनाते थे।
पुलिस ने बताया कि 6 जनवरी को थाना फेज-2 पुलिस ककराला क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सोरखा गांव की ओर से सेक्टर-81 की तरफ पैदल आ रहे कुछ लोगों ने पुलिस को देखकर घबराहट दिखाई और पीछे मुड़कर जाने लगे। शक होने पर पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी ली, जिसमें बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने मोबाइल चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
आरोपी भीड़-भाड़ वाले बाजारों, सब्जी मंडियों, साप्ताहिक बाजारों और सार्वजनिक स्थानों को अपना टारगेट बनाते थे। गिरोह के सदस्य अलग-अलग समूह में एक ही स्थान पर पहुंचते थे। इनमें नाबालिग लोगों का ध्यान भटकाने का काम करते थे, जबकि अन्य सदस्य खासतौर पर सर्दियों में जैकेट पहनने वाले लोगों को निशाना बनाकर पलक झपकते ही मोबाइल चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद मोबाइल तुरंत किसी दूसरे साथी को पकड़ा दिए जाते थे ताकि पकड़े जाने का खतरा कम रहे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन को पहले एक जगह इकट्ठा किया जाता था। इसके बाद ये आरोपी छोटे रेलवे स्टेशनों से ट्रेन पकड़कर झारखंड और बिहार चले जाते थे, जहां इन मोबाइल फोन को ग्राहकों को बेहद सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार यह गिरोह खासतौर पर सर्दियों के मौसम में ज्यादा सक्रिय रहता था और आपस में बातचीत के लिए केवल व्हाट्सएप का इस्तेमाल करता था, ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके।
हर बार नोएडा आने पर ये लोग गांवों में तीन से चार महीने के लिए अलग-अलग कमरा किराए पर लेते थे और खुद को मजदूर बताकर रहते थे। जब बड़ी संख्या में मोबाइल इकट्ठा हो जाते थे, तो ये लोग नोएडा छोड़कर चले जाते थे। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों में श्याम राय और रोहित सैनी 12वीं तक पढ़े हुए हैं, जबकि गोविन्दा महतो, प्रदीप कुमार, भरतिया महतो और शेखर अनपढ़ हैं। दोनों नाबालिग भी पढ़े-लिखे नहीं हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन मोबाइल फोन की बिक्री से जुड़े अन्य लोग और नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।
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