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National Lok Adalat: सूरजपुर जिला न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, सुलह से सैकड़ों मामलों का हुआ निस्तारण

National Lok Adalat: सूरजपुर जिला न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, सुलह से सैकड़ों मामलों का हुआ निस्तारण

नोएडा के सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें न्याय की आस लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश गौतम बुद्ध नगर अतुल श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी, सचिव अजीत नागर, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे। न्यायालय परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ देखने को मिली और पूरे दिन सुलह-समझौते की प्रक्रिया चलती रही।

राष्ट्रीय लोक अदालत में उन मामलों को प्राथमिकता दी गई, जिनका निस्तारण आपसी सहमति से संभव था। इसमें आपराधिक शमनीय वाद, पारिवारिक विवाद, मोटरयान दुर्घटना अधिनियम से जुड़े दावे, बिजली और पानी के बिलों से संबंधित विवाद, धारा-138 एनआई एक्ट के मामले, भू-राजस्व से जुड़े वाद, सेवा संबंधी प्रकरण और प्री-लिटीगेशन केस शामिल रहे। दोनों पक्षों की सहमति से कई वर्षों से लंबित मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जिससे वादकारियों को बड़ी राहत मिली और न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने में मदद मिली।

अपर जिला जज एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य आम नागरिकों को सस्ता, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों में किसी प्रकार की अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे विवाद का स्थायी समाधान हो जाता है और पक्षकारों को वर्षों तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से मुक्ति मिलती है।

लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय और तहसील स्तर पर विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई थीं। इन हेल्प डेस्क पर संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने वादकारियों को उनके मामलों की जानकारी दी, जरूरी दस्तावेज तैयार कराने में सहायता की और सुलह प्रक्रिया को आसान बनाया। दूर-दराज से आए लोगों के लिए यह व्यवस्था काफी सहायक साबित हुई।

इसके साथ ही ट्रैफिक मामलों के निस्तारण के लिए अलग से हेल्प डेस्क लगाई गई, जहां वाहन चालानों से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर विनय तोमर ने बताया कि बिना हेलमेट वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने, गलत पार्किंग, प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने और बीमा समाप्त होने जैसे मामलों में कम जुर्माने या आपसी सहमति से मौके पर ही निपटारा किया गया। इस हेल्प डेस्क पर भी सुबह से शाम तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की कि वे लोक अदालत जैसी वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, ताकि समय, धन और मानसिक तनाव से बचते हुए विवादों का शांतिपूर्ण समाधान किया जा सके।

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