Cyber Crime: दो लोगों से 1.28 करोड़ रुपए की ठगी, साइबर क्राइम थाना जांच में

Cyber Crime: दो लोगों से 1.28 करोड़ रुपए की ठगी, साइबर क्राइम थाना जांच में
नोएडा। साइबर अपराधियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से दो अलग-अलग लोगों को अपने जाल में फंसाकर लगभग 1 करोड़ 28 लाख रुपये की भारी-भरकम ठगी को अंजाम दिया है। दोनों पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाना, जनपद गौतमबुद्ध नगर में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ठगी का शिकार बनने वालों में एक ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में कार्यरत अधिकारी भी शामिल हैं, जिनसे अकेले लगभग 1 करोड़ 24 लाख 49 हजार 339 रुपये की धोखाधड़ी की गई। इसके अलावा दूसरे मामले में एक व्यक्ति से 3 लाख 74 हजार 831 रुपये की ठगी मीटर लगाने के नाम पर की गई।
अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) शैव्या गोयल ने बताया कि ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण स्टाफ कॉलोनी बीटा-1 निवासी बृजपाल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार लगभग एक वर्ष पहले उनके व्हाट्सएप पर दिव्या शर्मा नाम की एक महिला का मेसेज आया। शुरुआत में महिला ने दावा किया कि यह संदेश गलती से भेजा गया है, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। महिला ने अपना परिचय मुंबई में एक कंपनी चलाने वाली उद्यमी के रूप में दिया और धीरे-धीरे उसका विश्वास जीत लिया।
पीड़ित के अनुसार महिला ने निवेश से अतिरिक्त आय होने की बात कहकर एक वेबसाइट से जोड़ने का प्रस्ताव रखा। पहले चरण में पीड़ित ने 40 हजार रुपये का निवेश किया, जो दो दिन बाद वेबसाइट पर 48 हजार रुपये के रूप में दिखा, जिससे उसे विश्वास हो गया कि वह असली व्यवसाय है। लालच में आकर उन्होंने 1 फरवरी से 11 नवंबर 2024 के बीच लगातार निवेश करते हुए कुल 1 करोड़ 24 लाख 49 हजार 339 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बृजपाल सिंह के अनुसार ऐप पर उनकी राशि कई गुना बढ़ा हुआ दिखाई दे रही थी, लेकिन जैसे ही उन्होंने निकासी की मांग की, आरोपियों ने इनकम टैक्स, प्रोसेसिंग शुल्क और अन्य चार्जेस के नाम पर और पैसा मांगा। संदेह होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जिनमें रकम भेजी गई थी तथा मामले की तकनीकी जांच जारी है।
दूसरे मामले में बृजेश कुमार तिवारी नामक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि एक अज्ञात साइबर अपराधी ने खुद को नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) का कर्मचारी बताकर उनके साथ धोखाधड़ी की। आरोपी ने मीटर इंस्टॉलेशन के नाम पर एक ऐप डाउनलोड करवाया और 13 रुपये का परीक्षण भुगतान करने के लिए कहा। जैसे ही पीड़ित ने यह भुगतान किया, आरोपी ने उनका बैंक खाता हैक कर लिया और उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शनों में कुल 3 लाख 74 हजार 831 रुपये निकाल लिए।
पीड़ित ने कहा कि उन्होंने वास्तव में बिजली मीटर लगाने का आवेदन दिया था, इसलिए उन्हें विश्वास हो गया कि कॉल करने वाला व्यक्ति बिजली विभाग का अधिकारी है।
एडीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और साइबर सेल आरोपी खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण कर रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अनजान लिंक, ऐप या फर्जी कॉल से सावधान रहे तथा कभी भी व्यक्तिगत बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
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