FDDI Amethi: एफडीडीआई एमडी विवेक शर्मा का अमेठी दौरा, 100% प्लेसमेंट, 400% एडमिशन वृद्धि और नया कोर्स लॉन्च
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के फुरसतगंज स्थित फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) के परिसर में रविवार को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। संस्थान के प्रबंध निदेशक विवेक शर्मा (आईआरएस) ने अमेठी परिसर का दौरा किया और एफडीडीआई की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसके भविष्य की दिशा पर चर्चा की। दौरे के दौरान उन्होंने संस्थान के “विजन 2030” का खाका प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य है—“Empowering Today, Transforming Tomorrow।”
विजन 2030: शिक्षा और नवाचार का नया अध्याय
प्रेस वार्ता के दौरान विवेक शर्मा ने बताया कि एफडीडीआई का विजन 2030 संस्थान को एक विश्वस्तरीय डिजाइन और कौशल केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
उन्होंने कहा कि इसके तहत संस्थान 10 प्रमुख लक्ष्यों पर कार्य करेगा—शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार को प्रोत्साहन, स्टार्टअप संस्कृति का विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, रिसर्च एवं टेस्टिंग को मजबूत बनाना, सस्टेनेबिलिटी, शिल्प विकास, वित्तीय आत्मनिर्भरता, गवर्नेंस सुधार और ग्लोबल ब्रांडिंग।
फुरसतगंज परिसर ने बनाया 100% प्लेसमेंट रिकॉर्ड
एमडी विवेक शर्मा ने गर्व से बताया कि अमेठी के फुरसतगंज परिसर ने इस वर्ष 100% प्लेसमेंट हासिल किया है। यह उपलब्धि छात्रों की मेहनत और संस्थान के सशक्त प्रशिक्षण मॉडल का परिणाम है। उन्होंने कहा कि फुटवियर और फैशन इंडस्ट्री में एफडीडीआई के प्रशिक्षित छात्रों की मांग लगातार बढ़ रही है।
एडमिशन में 400% की बढ़ोतरी, युवाओं का बढ़ा रुझान
संस्थान के आंकड़ों के अनुसार, आगामी सत्र 2025–26 में प्रवेश संख्या में 400% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। विवेक शर्मा ने बताया कि यह युवाओं के बीच डिजाइन, फैशन और रिटेल मैनेजमेंट जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की बढ़ती लोकप्रियता का स्पष्ट संकेत है।
नया कोर्स: बी. डिजाइन – लेदर लाइफस्टाइल एंड डिजाइन प्रोडक्ट
अमेठी परिसर में एफडीडीआई अब नया स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है—“बी. डिजाइन – लेदर लाइफस्टाइल एंड डिजाइन प्रोडक्ट”। यह कोर्स छात्रों को ग्लोबल लेदर और डिजाइन सेक्टर में नए करियर अवसरों के लिए तैयार करेगा। इसके साथ ही अगले वर्ष एमबीए (रिटेल) की सीटें भी बढ़ाई जाएंगी, क्योंकि इस बार सभी सीटें भर जाने के बाद कई योग्य छात्र प्रवेश से वंचित रह गए थे।
उद्योग और शिक्षा के बीच नई साझेदारी
विवेक शर्मा ने कहा कि एफडीडीआई अब “इंडस्ट्री–इंटीग्रेटेड एजुकेशन मॉडल” पर काम कर रहा है। इस मॉडल के तहत छात्रों को प्रशिक्षण के साथ-साथ उद्योगिक अनुभव भी मिलेगा, जिससे वे रोजगार या स्व–रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।
कानपुर लेदर पार्क और राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों से प्रेरणा
उन्होंने बताया कि एफडीडीआई प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीतियों और कानपुर लेदर पार्क की पहल से प्रेरित होकर युवाओं के लिए कौशल आधारित कोर्सेज शुरू करने जा रहा है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि युवा उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।अंत में विवेक शर्मा ने कहा कि एफडीडीआई “स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में अपना योगदान जारी रखेगा। उन्होंने संस्थान के शिक्षकों और छात्रों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और कहा कि अमेठी परिसर देशभर के एफडीडीआई परिसरों के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रहा है।


