GBU Scam Case: पांच करोड़ रुपये घोटाले मामले में सहायक मुदित कुमार की जमानत खारिज
GBU Scam Case: पांच करोड़ रुपये घोटाले मामले में सहायक मुदित कुमार की जमानत खारिज
नोएडा: गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में कथित पांच करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में लेखा अनुभाग में सहायक पद पर तैनात मुदित कुमार को न्यायालय से राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दो पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश सुधाकर दुबे की अदालत ने जमानत आवेदन को निरस्त किया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट के एडीजीसी महेंद्र सिंह ने बताया कि जीबीयू के प्रभारी रजिस्ट्रार सीके सिंह ने 9 अप्रैल 2026 को इकोटेक-3 थाने में पूर्व रजिस्ट्रार विश्वास त्रिपाठी समेत 12 कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप है कि विश्वविद्यालय की फीस से जुड़ी प्रविष्टियों और बैंक खातों में गंभीर अनियमितताएं कर करीब पांच करोड़ रुपये का गबन किया गया। इस मामले में हापुड़ स्थित अपना घर कॉलोनी निवासी मुदित कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। मुदित जीबीयू के लेखा अनुभाग में सहायक पद पर कार्यरत था।
आरोपी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि मुदित को विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर गलत तरीके से फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने कहा कि जिन छात्रों की फीस प्रविष्टियों पर सवाल उठाए गए हैं, उनकी राशि वास्तव में विश्वविद्यालय के खातों में जमा हुई थी। रिकॉर्ड में आई गड़बड़ियां केवल टंकण त्रुटि, तकनीकी समस्या या सॉफ्टवेयर संबंधी कारणों से हुई थीं।
बचाव पक्ष ने अदालत में कई छात्रों के भुगतान से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, फीस रसीदें और शपथपत्र भी प्रस्तुत किए। इनमें केशव यादव, नैन्सी, तरुण कुमार, सत्यम शुक्ला, अनुराग कुमार सविता और अदिति देव समेत अन्य छात्रों के भुगतान संबंधी दस्तावेज शामिल थे। आरोपी पक्ष ने दावा किया कि विश्वविद्यालय को कोई वास्तविक आर्थिक नुकसान नहीं हुआ और मुदित को इस मामले से कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं मिला।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी सहित अन्य कर्मचारियों ने मिलकर फीस राशि में हेराफेरी की। अभियोजन ने आरोप लगाया कि मामले में फर्जी रसीदें तैयार की गईं और विश्वविद्यालय को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।
अदालत ने जांच रिपोर्ट, केस डायरी और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद माना कि मामले में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। न्यायालय ने कहा कि जांच और मामले की सुनवाई अभी बाकी है तथा आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा।
इसके बाद न्यायालय ने जीबीयू घोटाले मामले में आरोपी मुदित कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।





