उत्तर प्रदेशराज्य

Census 2027: जनगणना कार्य में लापरवाही पर सख्ती, प्रगणक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति

Census 2027: जनगणना कार्य में लापरवाही पर सख्ती, प्रगणक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति

नोएडा। जनगणना-2027 के कार्य को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जनगणना कार्य में नियुक्त एक प्रगणक द्वारा कार्यभार ग्रहण नहीं करने और बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन न करने के मामले में प्राधिकरण ने प्राथमिकी दर्ज कराने की संस्तुति की है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में कार्यरत सहायक अध्यापिका सीमा मिश्रा, प्राथमिक पाठशाला बरौला सेक्टर-29 को जनगणना-2027 के लिए प्रगणक नियुक्त किया गया था। उन्हें जनगणना कार्य के लिए एचएलबी संख्या 1594 आवंटित की गई थी। आरोप है कि नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद भी उन्होंने निर्धारित क्षेत्र में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण नहीं किया और जनगणना संबंधी दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार संबंधित अध्यापिका से कई बार संपर्क स्थापित किया गया तथा उन्हें आवंटित क्षेत्र में पहुंचकर कार्य प्रारंभ करने के लिए निर्देशित किया गया। इसके बावजूद उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपने पसंदीदा क्षेत्र में तैनाती की मांग की थी और आवंटित एचएलबी क्षेत्र में कार्य करने से इंकार कर दिया था। प्रशासन का मानना है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में नियुक्त अधिकारी या कर्मचारी द्वारा इस प्रकार का रवैया न केवल शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करता है, बल्कि पूरे अभियान की समयबद्धता और प्रभावशीलता को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए इस मामले को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 की संबंधित धाराओं के अनुसार जनगणना कार्य के लिए की गई नियुक्ति को स्वीकार न करना अथवा निर्धारित दायित्वों का निर्वहन न करना दंडनीय माना जा सकता है। इसी आधार पर संबंधित प्रगणक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है। प्राधिकरण ने मामले की जानकारी जिला प्रशासन, जनगणना अधिकारियों तथा संबंधित विभागों को भी भेज दी है, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना-2027 के कार्य को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या असहयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी नियुक्त प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और अन्य कर्मचारियों से अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई कर्मचारी जनगणना कार्य में बाधा उत्पन्न करता है या निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनगणना-2027 को देश की भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण, शहरी एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आधारभूत ढांचे से संबंधित नीतियों का आधार माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासन इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है।

 

Related Articles

Back to top button