Yamuna City Power Supply: तीन हाउसिंग सोसाइटियों को मिलेगी निर्बाध बिजली, 33 KV बिजलीघर और अलग लाइन बिछाने की तैयारी
नोएडा। यमुना सिटी की तीन प्रमुख आवासीय परियोजनाओं में बिजली आपूर्ति को बेहतर और निर्बाध बनाने की दिशा में काम शुरू होने जा रहा है। इसके लिए 33 केवी क्षमता का नया बिजलीघर तैयार किया जाएगा। साथ ही हाउसिंग सोसाइटियों तक बिजली पहुंचाने के लिए अलग से विद्युत लाइनें बिछाई जाएंगी। कार्य को प्राथमिकता देते हुए टेंडर जारी कर दिया गया है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में आवासीय गतिविधियां बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्राधिकरण सेक्टरों और हाउसिंग परियोजनाओं के लिए बिजली से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रहा है।
यीडा के ओएसडी मेहराम सिंह के मुताबिक सेक्टरों और हाउसिंग सोसाइटियों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए सेक्टर-18 में 220 केवी क्षमता का सब स्टेशन पहले से तैयार है। इस बड़े सब स्टेशन से अलग-अलग क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने के लिए 33 केवी क्षमता के सब स्टेशन विकसित किए गए हैं।
इसके अलावा भविष्य की बिजली मांग को देखते हुए कुछ नए 33 केवी बिजलीघर भी बनाए जाने हैं। जिन हाउसिंग परियोजनाओं या अन्य बड़े कनेक्शन धारकों को अधिक क्षमता की बिजली की जरूरत होती है, उनके लिए अलग 33 केवी लाइन बिछाने की व्यवस्था की जाएगी।
योजना के तहत बिजली निगम तीन अलग लाइनें बिछाएगा। इन लाइनों के माध्यम से गौड़ संस, थ्रीसी होम्स और एटीएस सोसाइटी को बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। अलग लाइन मिलने से इन आवासीय परियोजनाओं में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
अभी यमुना सिटी में आवासीय और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ बिजली के बुनियादी ढांचे को भी उसी अनुपात में विकसित किया जा रहा है। 220 केवी सब स्टेशन से 33 केवी नेटवर्क के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने की व्यवस्था तैयार की जा रही है।
तीनों आवासीय परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित बिजली व्यवस्था तैयार होने के बाद वहां रहने वाले हजारों उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। अलग विद्युत लाइन होने से सोसाइटियों की बिजली जरूरत को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
यीडा ने इस कार्य को प्राथमिकता में रखते हुए टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 33 केवी बिजलीघर और संबंधित विद्युत लाइनों के निर्माण का काम आगे बढ़ाया जाएगा।


