Yamuna City Power Boost: सेक्टर-18, 20 और 24ए में बनेंगे चार नए बिजली उपकेंद्र

Yamuna City Power Boost: सेक्टर-18, 20 और 24ए में बनेंगे चार नए बिजली उपकेंद्र
यमुना सिटी में तेजी से बढ़ते विकास को देखते हुए बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने सेक्टर-18, 20 और 24ए में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चार नए बिजली उपकेंद्र बनाने का निर्णय लिया है। इस योजना के लागू होने से न केवल आवासीय क्षेत्रों में बिजली की समस्या दूर होगी, बल्कि औद्योगिक इकाइयों को भी स्थिर और बेहतर बिजली सप्लाई मिल सकेगी।
यमुना सिटी इस समय प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां पहले ही 38 औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के बाद कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां निवेश के लिए तैयार हैं। ऐसे में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।
वर्तमान में क्षेत्र में 220 केवी क्षमता के बड़े बिजलीघर तैयार हैं, लेकिन सेक्टर स्तर पर बिजली वितरण के लिए पर्याप्त उपकेंद्र नहीं हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए अब अलग-अलग सेक्टरों में नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे, जिससे अंतिम उपभोक्ता तक बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से हो सकेगी।
आवासीय विकास के लिहाज से सेक्टर-18, 20 और 24ए में 30 हजार से अधिक प्लॉट पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें से 1200 से ज्यादा लोगों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी मिल चुका है और लोग यहां बसना शुरू कर चुके हैं। बढ़ती आबादी के चलते बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिसे पूरा करने के लिए यह परियोजना अहम मानी जा रही है।
योजना के तहत सेक्टर-18 के पॉकेट 5ए और सेक्टर-24ए में 33/11 केवी के उपकेंद्र बनाए जाएंगे, जो बड़े स्तर पर बिजली वितरण को संभालेंगे। इसके अलावा सेक्टर-18 के पॉकेट 6ए और 6बी तथा सेक्टर-20 के पॉकेट-ई में 11/0.415 केवी के उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो स्थानीय स्तर पर घरों तक बिजली पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इन सभी उपकेंद्रों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि इन परियोजनाओं को समय पर पूरा कर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को पूरी तरह से व्यवस्थित किया जाए।
इसके अलावा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल डिवाइस पार्क और नई औद्योगिक इकाइयों तक भूमिगत बिजली लाइन बिछाने की योजना भी तैयार की गई है। इससे उद्योगों को निर्बाध बिजली मिलेगी, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और नए निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं किसी भी उभरते शहर के लिए बेहद जरूरी होती हैं। बेहतर बिजली व्यवस्था से न केवल लोगों की जीवनशैली में सुधार होता है, बल्कि उद्योगों के लिए भी अनुकूल माहौल तैयार होता है।
कुल मिलाकर, यमुना सिटी में शुरू की जा रही यह बिजली परियोजना आने वाले समय में इस क्षेत्र को एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्र निवेशकों के लिए भी और अधिक आकर्षक बन जाएगा।





