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Virus Simulation India: हम महामारियों का प्रभावी ढंग से कर सकते हैं सामना : जे.पी. नड्डा

Virus Simulation India: हम महामारियों का प्रभावी ढंग से कर सकते हैं सामना : जे.पी. नड्डा

राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन के तहत मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में चार दिन तक चलने वाला “विषाणु संक्रमण प्रतिरोध अभ्यास” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने भारत की महामारी-रोधी क्षमताओं, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और जूनोटिक यानी जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों के नियंत्रण को परखने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। यह अभ्यास एक राष्ट्रीय स्तरीय मॉक ड्रिल का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य वास्तविक महामारी जैसी परिस्थितियों में देश की तैयारी और इंटर-सेक्टर कोऑर्डिनेशन की प्रभावशीलता को जांचना था। राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास में क्रीमियन कांगो रक्तस्रावी बुखार (CCHF) के प्रकोप का मॉडल तैयार किया गया। इस काल्पनिक परिदृश्य में मनुष्यों और पशुओं दोनों को प्रभावित होने की स्थिति बनाई गई थी।
इसके जरिए टीमों ने वास्तविक समय में जांच प्रक्रिया, रोगजनक की पहचान, सैंपल ट्रांसपोर्ट, लैबोरेटरी टेस्टिंग, आइसोलेशन प्रोटोकॉल, सर्विलांस, रोग नियंत्रण तथा रोकथाम की रणनीतियों का अभ्यास किया।

इस राष्ट्रीय मॉक ड्रिल में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV), स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), भोपाल स्थित उच्च सुरक्षा पशुपालन प्रयोगशाला (HSADL), एम्स भोपाल की बीएसएल-3 प्रयोगशाला सहित 23 राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के प्रतिनिधि, राज्य स्तर के आईडीएसपी अधिकारी, जिला स्वास्थ्य प्रशासन, पशु चिकित्सा विभाग, वन विभाग तथा अन्य संबंधित जिला अधिकारी शामिल हुए।

सभी विभागों ने मिलकर महामारी जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी, उपकरण, संसाधनों की उपलब्धता और प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह मॉक ड्रिल दर्शाती है कि “तैयारी, सहयोग और एकीकृत वन हेल्थ दृष्टिकोण के साथ भारत किसी भी महामारी का प्रभावी ढंग से सामना कर सकता है।” उन्होंने सभी हितधारकों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि भारत और विश्व को संक्रामक रोगों के संभावित खतरों से सुरक्षित रखा जा सके। नड्डा ने यह भी कहा कि राजस्थान में पहले आयोजित एवियन इन्फ्लूएंजा सिमुलेशन के बाद यह दूसरा राष्ट्रीय स्तर का अभ्यास है, जो दर्शाता है कि भारत स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने और तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ाने के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यह ड्रिल भारत के वन हेल्थ मिशन को न केवल मजबूत बनाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि मनुष्य, पशु और पर्यावरण—तीनों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए संयुक्त प्रयास ही महामारी प्रबंधन का सबसे प्रभावी मॉडल है।

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