Villa Fraud: विला के लिए भूखंड देने के नाम पर नोएडा में अधिवक्ता से करोड़ों की ठगी, बिल्डर समेत 11 पर केस

Villa Fraud: विला के लिए भूखंड देने के नाम पर नोएडा में अधिवक्ता से करोड़ों की ठगी, बिल्डर समेत 11 पर केस
नोएडा। विला के लिए भूखंड देने के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें फेज-दो के सी ब्लॉक निवासी एक अधिवक्ता ने बिल्डर समेत 11 लोगों के खिलाफ अदालत के आदेश पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित अधिवक्ता सत्यनारायण द्विवेदी का आरोप है कि करीब छह वर्ष पहले उन्हें ग्रेटर नोएडा में विला देने का झांसा देकर आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़ित ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि मैसर्स जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड ने वर्ष 2002 में ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रींस के नाम से एक भव्य परियोजना शुरू की थी, जिसमें विश्व स्तरीय टाउनशिप विकसित करने का दावा किया गया था। कंपनी की विश्वसनीयता पर भरोसा करते हुए उन्होंने नौ मार्च 2020 को स्पोर्ट्स विला खरीदा, जिसके बाद 12 मार्च 2020 को उन्हें आवंटन पत्र प्राप्त हुआ और 14 मार्च 2020 को उनके पक्ष में सब-लीज डीड भी पंजीकृत कर दी गई।
इसके बाद भूखंड का कब्जा भी उन्हें सौंप दिया गया। आरोप है कि इसके बाद जेपी ग्रींस सोसाइटी के प्रमोटर बताए जा रहे सुनील शर्मा और मंजू शर्मा तथा कंपनी के कर्मचारी दलजीत सिंह, संजीव शेखर, मुकेश चौपड़ा, केसी बत्रा, अश्वनी सिंह, शैलेंद्र नेगी, सीबी सिंह और विकास चौधरी उनके घर पहुंचे और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से स्वीकृत बताए गए बिल्डिंग प्लान दिखाकर निर्माण कार्य शुरू कराने को कहा। जब पीड़ित ने निर्माण प्रक्रिया शुरू की तो पता चला कि जो बिल्डिंग प्लान दिखाया गया था, वह प्राधिकरण की योजना में स्वीकृत ही नहीं है।
इस कारण पीड़ित को करीब 46.82 लाख रुपये का अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। मजबूरी में पीड़ित ने दोबारा भवन योजना तैयार कर जनवरी 2024 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से स्वीकृति प्राप्त की। स्वीकृति मिलने के बाद जैसे ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया गया, आरोप है कि सुनील शर्मा और मंजू शर्मा ने भूखंड पर अतिक्रमण कर लिया। पीड़ित का कहना है कि जब वह इस संबंध में बिल्डर के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो हेल्प डेस्क पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और वहां से भगा दिया। आरोपियों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाते हुए मौके पर मौजूद मिस्त्री और मजदूरों को बंधक बना लिया। पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर बिल्डर समेत सभी 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




