उत्तर प्रदेश : बुलंदशहर में डीआईजी की सख्ती, अपराध नियंत्रण और त्योहारों की सुरक्षा पर दिए कड़े निर्देश

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर शंकर प्रसाद, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. तेजवीर सिंह और पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। समीक्षा के दौरान डिबाई, अनूपशहर और शिकारपुर सर्किल में विवेचनाओं की संख्या अधिक पाई गई, जिस पर डीआईजी ने चिंता जताते हुए प्रभावी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
डीआईजी ने कहा कि सभी लंबित और अनावरण घटनाओं का जल्द खुलासा किया जाए और विवेचनाओं के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने विवेचनाओं की निगरानी के लिए समयसीमा तय करते हुए निर्देश दिए कि एक माह से अधिक लंबित मामलों पर क्षेत्राधिकारी, दो माह पर अपर पुलिस अधीक्षक और तीन माह पर पुलिस अधीक्षक स्वतः संज्ञान लें। एक वर्ष से अधिक पुराने मामलों की समीक्षा थाना प्रभारी स्वयं करेंगे।
गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई को तेज करने के निर्देश देते हुए डीआईजी ने अभियुक्तों की संपत्ति की जांच कराने और माफियाओं व उनके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू करने के निर्देश दिए गए।
आगामी त्योहारों रामनवमी, महावीर जयंती और अंबेडकर जयंती को देखते हुए डीआईजी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। शोभा यात्राओं में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और मार्ग में पड़ने वाले संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। सभी क्षेत्राधिकारियों को त्योहारों की तैयारियों की स्वयं समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा थाना प्रभारियों को अपने कर्मियों के साथ नियमित बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान करने, कस्बों के प्रमुख चौराहों पर 24 घंटे ड्यूटी सुनिश्चित करने और अतिरिक्त पुलिस बल को चेकिंग में लगाने के निर्देश दिए गए। यातायात पुलिस को भी सतर्क रहकर अभियान चलाने को कहा गया, ताकि स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।





