Uttar Pradesh : औद्योगिक शांति बनाए रखने को हाई लेवल कमेटी सख्त, आउटसोर्सिंग एजेंसियों के लिए कड़े निर्देश जारी

Lucknow/Gautam Buddh Nagar : जनपद में औद्योगिक सौहार्द एवं शांति बनाए रखने और शासन की गाइडलाइंस का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए गठित हाई लेवल कमेटी की बैठकें लगातार जारी हैं। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों के साथ विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि औद्योगिक इकाइयों के संचालन और रोजगार सृजन में आउटसोर्सिंग एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने श्रमिकों को अनुशासित रखें और किसी भी तरह की अव्यवस्था या अशांति की स्थिति उत्पन्न न होने दें। कमेटी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी एजेंसी या उसके श्रमिकों द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ उसका लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा।
कमेटी ने न्यूनतम वेतन के पालन पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि अकुशल श्रमिकों को 13,690 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रतिमाह का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही सभी श्रमिकों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में भेजने और नियुक्ति के समय पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा की कटौती भी नियमानुसार सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि श्रमिकों में असंतोष न पनपे।
श्रम विभाग द्वारा स्थापित कॉल सेंटर का टोल-फ्री नंबर 9411900251 भी एजेंसियों को उपलब्ध कराया गया है, जिस पर किसी भी समस्या या आपात स्थिति में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिससे त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक एक-दूसरे के पूरक हैं और औद्योगिक गतिविधियों का सुचारु संचालन ही रोजगार और विकास की कुंजी है। सभी से अपील की गई कि अफवाहों से बचते हुए आपसी सहयोग और विश्वास के साथ कार्य करें और औद्योगिक शांति बनाए रखें।
कमेटी ने भरोसा दिलाया कि सरकार श्रमिकों और नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तत्पर रहेगा। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें सभी संविदाकारों ने शासन के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।





