उत्तर प्रदेश : हापुड़ में व्हाट्सएप के जरिए 50.50 लाख की साइबर ठगी, क्रिप्टो निवेश के नाम पर कारोबारी से ठगे रुपये

Hapur News : जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां व्हाट्सएप के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर एक कारोबारी से 50.50 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह के निर्देश पर थाना साइबर क्राइम में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस संबंधित बैंक खातों, डिजिटल ट्रेल और संदिग्ध ऑनलाइन पोर्टलों की गहन पड़ताल में जुटी है।
नेहरू लेन रेलवे रोड निवासी कारोबारी दीनदयाल गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अगस्त 2025 के प्रथम सप्ताह में एक महिला ने व्हाट्सएप पर संपर्क कर अपना नाम ‘ऐश्वर्या देशपांडे’ बताया। प्रोफाइल फोटो और नियमित बातचीत के जरिए उसने धीरे-धीरे विश्वास हासिल किया। कुछ समय बाद उसने खुद को क्रिप्टो ट्रेडिंग की विशेषज्ञ बताते हुए भारी मुनाफे का दावा किया और निवेश के लिए प्रेरित किया।
आरोप है कि महिला ने विभिन्न क्रिप्टो ट्रेडिंग पोर्टल के लिंक भेजकर अकाउंट खुलवाया। शुरुआत में ऑनलाइन इंटरफेस पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे कारोबारी का भरोसा बढ़ गया। इसके बाद दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर कराई गई।
शिकायत के अनुसार जिन खातों में रकम भेजी गई, उनमें क्लिक स्टार्म एलएलपी (शिमला), यशश्विनी टेलीकॉम, लाइफब्रिक फील्ड और आशीष टेलीकॉम के नाम से Axis Bank के खाते शामिल हैं। कुल मिलाकर 50.50 लाख रुपये स्थानांतरित किए गए। पीड़ित का कहना है कि 1 फरवरी 2026 को अचानक बिटकॉइन ट्रेडिंग इंटरफेस एप मोबाइल से गायब हो गई। जब महिला से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उसका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिला, जिसके बाद साइबर ठगी का एहसास हुआ।
मामले में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर संबंधित बैंक खातों और लिंक्ड वॉलेट्स को तत्काल फ्रीज करने की मांग की है, ताकि रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सके। साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईपी एड्रेस, बैंक ट्रांजैक्शन, सर्वर लॉग सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया है।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी पटनीश कुमार ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साइबर टीम बैंक खातों की केवाईसी डिटेल, ट्रांजैक्शन चेन और संभावित म्यूल अकाउंट्स की जांच कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित बैंकों और इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किए जाएंगे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।





