उत्तर प्रदेश : बूढ़ी गंगा तट पर उल्लास के साथ मनाया गया बर्ड वाचिंग डे

Hapur News : गढ़मुक्तेश्वर की बूढ़ी गंगा के किनारे स्थित प्रसादीपुर वन ब्लॉक में आज बर्ड वाचिंग डे का आयोजन पर्यावरणविदों द्वारा उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज प्रकृति स्वयं पक्षियों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, जिससे उनकी चहचहाहट और उपस्थिति में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने इसे पर्यावरण संतुलन के सुदृढ़ होने का सकारात्मक संकेत बताया।
पर्यावरणविदों ने कहा कि यह दिन अत्यंत प्रसन्नता का है क्योंकि भारत में रामसर साइट्स की संख्या वर्ष 2014 में 26 से बढ़कर 2026 तक 98 हो जाना पर्यावरण संरक्षण के सफल प्रयासों का परिणाम है। इटावा स्थित पटना बर्ड सेंचुरी को रामसर वेटलैंड का दर्जा मिलना भी सभी के लिए गर्व और खुशी का विषय है।
इस अवसर पर भारत भूषण गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में अनेक सामाजिक संस्थाएं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं। इसी क्रम में स्वामी विवेकानंद विचार मंच और लोक भारती के तत्वाधान में उत्तर प्रदेश की छोटी-छोटी नदियों के पुनर्जीवन के लिए समाज के सहयोग से गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शाहजहांपुर की भैंसी नदी, हापुड़ जनपद की बूढ़ी गंगा और मुरादाबाद की गागन नदी इस अभियान के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि बर्ड वाचिंग डे हम सभी को पक्षियों के बीच रहकर उन्हें जानने और समझने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम में सरदार गुरप्रीत सिंह, टीकम सिंह, मूलचंद आर्य और शीशराम सिंह की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।





