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उत्तर प्रदेश : होली से पहले खाद्य तेलों पर बड़ी कार्रवाई, 53.62 लाख का 32,500 लीटर तेल सीज

Hapur News : होली से पहले खाद्य तेलों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सोमवार को जिले में बड़ी कार्रवाई की। जिले से सप्लाई किए जा रहे खाद्य तेलों में मिलावट का मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में था। साथ ही नेपाल से खाद्य तेल मंगवाकर अपने ब्रांड नाम से पैकिंग करने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर विभाग की रीजनल टीम ने चार स्थानों पर छापेमारी की।

लगातार मिल रही शिकायतों और मिलावट की पुष्टि के बाद रिजनल टीम के 16 अधिकारियों ने चार इकाइयों पर एक साथ छापा मारा। जांच के दौरान मिलावट, गंदगी और अन्य खामियां पाए जाने पर तीन इकाइयों से करीब 53.62 लाख रुपये कीमत का 32,500 लीटर खाद्य तेल सीज कर दिया गया। इसके अलावा 14 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। हापुड़ की एक अन्य इकाई पर रात करीब नौ बजे तक कार्रवाई जारी रही।

सहायक आयुक्त द्वितीय सुनील कुमार ने बताया कि वान्या पाम ऑयल से तीन नमूने लिए गए और मिलावट के संदेह में 6.68 लाख रुपये कीमत का 5,180 लीटर खाद्य तेल सील किया गया। केएल ऑयल से सात नमूने लिए गए। जेएन ऑयल पर गंदगी और मिलावट के शक में 32.22 लाख रुपये कीमत का 15,345 लीटर खाद्य तेल सीज किया गया, जहां से चार नमूने लिए गए। मौके पर ही 14.71 लाख रुपये कीमत का 11,975 लीटर खाद्य तेल भी जब्त किया गया।

दिल्ली रोड और गढ़ रोड स्थित रविंद्र ऑयल मिल में भी टीम की कार्रवाई देर रात तक जारी रही। इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मंगलवार को मिलने की संभावना है। रविंद्र ऑयल जिले की सबसे बड़ी खाद्य तेल फर्म मानी जाती है और पूर्व में भी चर्चाओं में रही है।

हापुड़ जिले की दो इकाइयों में बड़े स्तर पर लापरवाही सामने आई। जांच के दौरान मिलों के अंदर गंदगी मिली और कर्मचारी बिना ग्लव्स, मास्क व सिर पर कैप के काम करते पाए गए। अधिकारियों को तेल की खरीद और आपूर्ति से संबंधित स्पष्ट जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। पैकिंग में भी गड़बड़ियां पाई गईं।

उपायुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग सुनील कुमार सिंह ने कहा कि मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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