Tilpata Waterlogging: डीएससी रोड पर 6-7 साल से जलभराव, पानी में खड़े होकर प्रदर्शन की तैयारी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के तिलपता क्षेत्र में दादरी-सूरजपुर-छलेरा (डीएससी) रोड पर लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या को लेकर अब आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। अधिवक्ताओं ने समस्या का समाधान नहीं होने पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। प्रदर्शन की तारीख जल्द तय की जाएगी। अधिवक्ताओं का कहना है कि विरोध के दौरान वे जलभराव वाले स्थान पर पानी में खड़े होकर प्रदर्शन करेंगे।
शनिवार को जिला न्यायालय बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमेश भाटी ने प्रेसवार्ता कर आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन को लेकर आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को जलभराव की समस्या और प्रस्तावित आंदोलन से जोड़ा जा रहा है।
तिलपता में डीएससी रोड पर पिछले करीब छह से सात वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों और पैदल आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह मार्ग क्षेत्र के प्रमुख रास्तों में शामिल है और यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं।
उमेश भाटी के मुताबिक प्राधिकरण के परियोजना विभाग की ओर से तिलपता में सड़क की मरम्मत और नाली निर्माण के लिए करीब एक साल पहले निविदा जारी की गई थी। इसके बावजूद अब तक मौके पर काम शुरू नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि निविदा जारी होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा, लेकिन काम शुरू नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने गांव में सफाई व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर गंदगी जमा है और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि अब केवल आश्वासन के बजाय जमीन पर काम शुरू होना चाहिए।
प्रेसवार्ता में सेक्टर-37 में क्षेत्रीय खेल परिसर के लिए आरक्षित जमीन पर बनाए जा रहे हॉकी स्टेडियम का मुद्दा भी उठाया गया। उमेश भाटी ने इसका विरोध करते हुए आरोप लगाया कि हॉकी स्टेडियम के नाम पर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सेक्टर-37 स्थित क्षेत्रीय खेल मैदान का इस्तेमाल आसपास के करीब 40 से 50 गांवों के युवा पुलिस और भारतीय सेना में भर्ती की तैयारी के लिए करते हैं। बड़ी संख्या में युवा यहां दौड़ और दूसरी शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास करते हैं। ऐसे में मैदान से संबंधित किसी भी बदलाव से पहले इन युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि तिलपता के जलभराव और खेल मैदान से जुड़े मुद्दों को लेकर गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद आंदोलन की तारीख घोषित की जाएगी। प्रदर्शन के माध्यम से प्राधिकरण से डीएससी रोड पर सड़क और नाली का लंबित काम जल्द शुरू कराने की मांग की जाएगी।
इस दौरान अधिवक्ता धीरेंद्र भाटी सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक तिलपता में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।


