Mathura : मथुरा के गोवर्धन में जतीपुरा परिक्रमा मार्ग स्थित शंकराचार्य आश्रम में गोवर्धन मठ पुरी के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी निरंजनदेव तीर्थ महाराज की 30वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय महोत्सव का शनिवार को भव्य समापन हुआ।
कार्यक्रम के दूसरे दिन जगद्गुरु नाभा पीठाधीश्वर सुतीक्ष्ण देवाचार्य ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य के चित्रपट पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ महाराज से मुलाकात कर उनके संदेशों को याद किया। नाभा पीठाधीश्वर ने कहा कि शंकराचार्य निरंजनदेव तीर्थ महाराज ने धर्म ध्वजा को दुनिया भर में फहराने का कार्य किया था और उसी परंपरा को वर्तमान शंकराचार्य अधोक्षजानंद आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य की अखंड भारत यात्रा सनातन धर्म के लिए बड़ी उपलब्धि है जिससे विदेशों में रहने वाले सनातनियों को देश और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
इसके बाद शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ महाराज की अध्यक्षता में विशाल धर्मसभा हुई। इसमें देशभर से आए साधु संतों और धर्माचार्यों ने सनातन संस्कृति की रक्षा, युवाओं को धर्म से जोड़ने और पौराणिक धरोहरों के संरक्षण पर बल दिया। संतों ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सनातन संस्कृति और धार्मिक स्थलों की रक्षा करना हर सनातनी का दायित्व है।
अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य निरंजनदेव तीर्थ और धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक गोहत्या विरोधी आंदोलन का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि उस दौर में संतों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया और तत्कालीन सरकारों की हठधर्मिता के कारण निर्दोष संतों पर गोलियां तक चलाई गईं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गो संरक्षण के लिए बेहतर प्रयास हो रहे हैं, फिर भी गौ तस्करी और गोहत्या को पूरी तरह रोकने के लिए केंद्र सरकार को कठोर कानून बनाना चाहिए।
पुण्यतिथि महोत्सव में निर्मोही अनी अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत राजेंद्र दास, द्वाराचार्य घमंड देवाचार्य, स्वामी रेणु गोपाल देवाचार्य, महंत जयराम, महामंडलेश्वर चेतन दास, मोनी बाबा महंत माधव दास, महंत गोविंद दास, द्वाराचार्य विट्ठल देवाचार्य, स्वामी भैया जी महाराज सहित कई प्रमुख संत मौजूद रहे। दो दिवसीय आयोजन में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, हरियाणा सरकार के मंत्री गौरव गौतम, एमएलसी ठाकुर ओमप्रकाश सिंह, उत्तराखंड के विधायक किशोर उपाध्याय, राज्यमंत्री अश्वनी कुमार त्रिपाठी समेत कई राज्यों के नेता और जनप्रतिनिधि भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद इन दिनों चातुर्मास व्रत पर आश्रम में प्रवास कर रहे हैं और उनसे मिलने देशभर से अनुयायी पहुंच रहे हैं।


