Noida JIMS: नोएडा के जिम्स में कैंसर और गंभीर बीमारियों का सुपरस्पेशलिटी इलाज शुरू होगा

Noida JIMS: नोएडा के जिम्स में कैंसर और गंभीर बीमारियों का सुपरस्पेशलिटी इलाज शुरू होगा
नोएडा में स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) को अब एसजीपीजीआई लखनऊ की तर्ज पर सुपरस्पेशलिटी संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य कैंसर, मस्तिष्क, नस, गुर्दे और बच्चों की जटिल सर्जरी सहित कई गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। यह फैसला मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में लखनऊ में मंगलवार को आयोजित जिम्स की दसवीं शासी निकाय की बैठक में लिया गया।
बैठक में नए सुपरस्पेशलिटी पाठ्यक्रमों की मंजूरी दी गई, जिससे संस्थान में उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं की सुविधा मिल सकेगी। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने रोबोटिक सर्जरी, उच्च स्तरीय निदान और सटीक चिकित्सा जैसी उन्नत तकनीकों के प्रस्ताव दिए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एसजीपीजीआई जैसी चिकित्सा केंद्र की जरूरत है, जिससे आसपास के जिलों और शहरों के लाखों लोगों को लाभ मिल सके।
जिम्स में मेडिकल आन्कोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन में नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। अगले वर्ष तक इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत की तैयारी है। इसके साथ ही नियोनेटोलॉजी (नवजात शिशु), पेन मेडिसिन, एनेस्थीसिया, डेंटल सर्जरी और क्रिटिकल केयर में फेलोशिप कार्यक्रम भी शुरू होंगे।
यह जिम्स गौतमबुद्ध नगर का पहला ऐसा संस्थान होगा जो गंभीर बीमारियों के लिए सुपरस्पेशलिटी कोर्स उपलब्ध कराएगा। फिलहाल यह पाठ्यक्रम केवल मेरठ, आगरा और लखनऊ के मेडिकल कॉलेजों में ही चल रहे हैं। जीबीयू परिसर में 56 एकड़ में विकसित हो रहे मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई।
बैठक में उपाध्यक्ष अपर्णा यू, विशेष सचिव समीर कुमार, पीजीआइसीएच के निदेशक डॉ. एके सिंह, केजीएमयू के पूर्व कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बिपिन पुरी, जिम्स सीएमएस डॉ. सौरभ श्रीवास्तव और जिम्स डीन अकादमिक डॉ. रंभा पाठक उपस्थित थे।
संस्थान में राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन रक्षक (एनईएलएस) प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जिससे आपात परिस्थितियों में कुशल प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके अलावा कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए जीआईएमएस विद्या सेतु (कौशल शिक्षा प्रशिक्षण इकाई) शुरू की जाएगी, जिसमें मरीजों की देखभाल, मैकेनिकल वेंटिलेशन और नर्सिंग मॉड्यूल शामिल होंगे।
यह पहल न केवल नोएडा बल्कि आसपास के बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़, गाजियाबाद समेत अन्य जिलों के लाखों लोगों को आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।





