Shiksha Mitra Salary Hike: शिक्षामित्रों को आज मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय, 18 हजार प्रतिमाह से मिलेगा संबल
Shiksha Mitra Salary Hike: शिक्षामित्रों को आज मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय, 18 हजार प्रतिमाह से मिलेगा संबल
शिक्षामित्रों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानदेय वृद्धि का फैसला जमीन पर उतरता नजर आ रहा है। नोएडा में मंगलवार को नॉलेज पार्क स्थित जीएनआईओटी कॉलेज में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जहां जनपद के चारों ब्लॉकों के 500 से अधिक शिक्षामित्रों को बढ़ी हुई सैलरी के चेक वितरित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम को लेकर शिक्षामित्रों में उत्साह का माहौल है और इसे उनके सम्मान व पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि अब शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। यह निर्णय न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि उन्हें एक नई पहचान और संबल भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल शिक्षामित्रों के योगदान को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बताया गया है कि शिक्षामित्रों को अप्रैल महीने से ही बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलना शुरू हो चुका है, जबकि 5 मई को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath इस योजना की औपचारिक शुरुआत गोरखपुर से करेंगे। इस फैसले के लागू होने से परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हजारों शिक्षामित्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी रहेगी, जिनमें शिक्षक विधायक एमएलसी श्रीचंद्र शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह और नोएडा विधायक Pankaj Singh शामिल होंगे। इस दौरान शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक रूप से चेक देकर सरकार की इस पहल को औपचारिक रूप दिया जाएगा।
शिक्षामित्रों का कहना है कि वे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे और अब सरकार द्वारा यह मांग पूरी किए जाने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। करीब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक परेशानियां काफी हद तक कम होंगी और परिवार का भरण-पोषण आसान हो सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि समायोजन निरस्त होने के बाद से वे अपने भविष्य को लेकर असमंजस और निराशा में थे, लेकिन इस निर्णय ने उनके जीवन में फिर से उम्मीद जगा दी है। शिक्षामित्रों के अनुसार, यह बढ़ा हुआ मानदेय उनके आत्मसम्मान को भी बढ़ाएगा और वे और अधिक उत्साह के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दे सकेंगे।
इस फैसले को प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षामित्रों को स्थिरता देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


