उत्तर प्रदेश, नोएडा: NIA की कनेक्टिविटी के लिए बनेगी 25 किलो मीटर रोड
उत्तर प्रदेश, नोएडा: -300 करोड़ रुपए किए जाएंगे खर्च , 812 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण
अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA)नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को और आसान बनाने जा रहा है। प्राधिकरण 25 किलोमीटर लंबी और 130 मीटर चौड़ी एक नई सड़क का निर्माण करेगा। ये ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक से शुरू होकर सिरसा, अलौदा और प्रस्तावित सेक्टरों (16, 13, 12, 11, 10, 9, 7 और 8) से गुजरते हुए सीधे एयरपोर्ट तक जाएगी। यह सड़क एयरपोर्ट के कार्गो और एविएशन हब क्षेत्रों को जोड़ते हुए मुसाफिरों को बेहतर आप्शन देगी।
यह नया कॉरिडोर यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर चलेगा, लेकिन एयरपोर्ट टर्मिनल ज़ोन के विपरीत दिशा में होगा, जिससे एक्सप्रेसवे पर दबाव कम होगा। इस योजना के तहत, गौर चौक से सिरसा तक पहले से मौजूद 30 किलोमीटर लंबी लिंक रोड को अलौदा के पास 3 किलोमीटर लंबे कनेक्टर के ज़रिए नए मार्ग से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) चौराहे पर एक क्लोवरलीफ इंटरचेंज या अंडरपास भी प्रस्तावित है ताकि यातायात निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।
सड़क निर्माण पर 300 करोड़ खर्च
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लिए लगभग 812 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर करीब 1,400 करोड़ रुपए का खर्च आएगा, जबकि सड़क निर्माण पर 300 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च होंगे। फिलहाल YEIDA चाहता है कि इस छह लेन वाले कॉरिडोर का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाए।
कार्गो सुविधा के लिए 5 किमी का पैच
पहले चरण में, एयरपोर्ट की कार्गो के लिए ग्रेटर नोएडा की ओर लगभग 5 किलोमीटर लंबा हिस्सा बनाया जाएगा, जिसके लिए 162 एकड़ भूमि और करीब 280 करोड़ रुपए की लागत तय की गई है। YEIDA के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया, “भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है, और जैसे-जैसे जमीन उपलब्ध होती जाएगी, निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा।”
तीन शहरों को देगा विकल्प
परियोजना पूरी होने के बाद यह मार्ग नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के मुसाफिरों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंच का एक सुविधाजनक विकल्प बन जाएगा। YEIDA अधिकारियों का कहना है कि यह कनेक्टर न केवल हवाई अड्डे तक यात्रा को सरल बनाएगा बल्कि यमुना सिटी और उसके आसपास के क्षेत्रों में विकास को भी नई गति देगा।





