नई दिल्ली, 2 अप्रैल (टॉप स्टोरी न्यूज नेटवर्क): सफदरजंग अस्पताल को तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की ओर से अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण मुहैया कराए गए हैं। इससे जहां आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिल सकेगी। वहीं, अस्पताल के स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वंदना तलवार ने कहा कि ओएनजीसी ने कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत सफदरजंग अस्पताल को मेडिकल उपकरण और सुविधाएं प्राप्त हुई हैं। इनसे मरीजों के साथ-साथ मेडिकल स्टाफ को भी मदद मिलेगी। वहीं, आरओ प्लांट से हर किसी को स्वच्छ पानी मिल सकेगा। इस अवसर पर ओएनजीसी के मानव संसाधन निदेशक मनीष पाटिल सहित सीएसआर चीफ ए.पी. सिंह, देबाशीष मुखर्जी, ओएनजीसी फाउंडेशन के सीईओ सी.एस. राभा और डॉ. राजीव यादव मौजूद रहे।
अस्पताल की प्रवक्ता पूनम ढांडा ने बताया कि ओएनजीसी से प्राप्त सहायता सामग्री में फेको इमल्सीफिकेशन सिस्टम, ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप, अल्ट्रासाउंड मशीन, इलेक्ट्रॉनिक बेड, आरओ प्लांट, वाटर एटीएम, वेन व्यूअर्स, पोर्टेबल मॉनिटर, व्हीलचेयर और ट्रॉलियां शामिल हैं। जिनसे अस्पताल के समग्र स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार होगा और अस्पताल की क्षमता में वृद्धि होगी।
ढांडा के मुताबिक फेको सर्जरी या फेको इमल्सीफिकेशन एक प्रकार का मोतियाबिंद का इलाज है। इसे आंख के लेंस के धुंधले हिस्से यानी मोतियाबिंद को हटाने के लिए प्रयोग किया जाता है। फेको तकनीक से मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाता है जो लेंस को छोटे टुकड़ों में तोड़ने के लिए अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग करती है। वहीं, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से सटीक निदान, रोगी की देखभाल और सुविज्ञ चिकित्सा निर्णय लेने में आसानी होती है।






पाठकों की राय