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Indian Coast Guard: प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ गोवा में कमीशन, महिला अधिकारियों की ऐतिहासिक तैनाती

Indian Coast Guard: प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ गोवा में कमीशन, महिला अधिकारियों की ऐतिहासिक तैनाती

नई दिल्ली, 5 जनवरी: भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री क्षमताओं को नई मजबूती देते हुए प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को सोमवार को गोवा में औपचारिक रूप से कमीशन किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अत्याधुनिक जहाज को राष्ट्र को समर्पित किया। इस मौके पर गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और भारतीय तटरक्षक के महानिदेशक परमेश शिवमणि एवीएसएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह कमीशनिंग भारतीय समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। ‘समुद्र प्रताप’ को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से डिजाइन और निर्मित किया गया है, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है।

इस जहाज का नाम ‘समुद्र प्रताप’ समुद्र की महिमा और भारतीय तटरक्षक के उस संकल्प को दर्शाता है, जिसके तहत सुरक्षित, स्वच्छ और संरक्षित समुद्री क्षेत्र सुनिश्चित करना प्राथमिक उद्देश्य है। जहाज की लंबाई 114.5 मीटर और चौड़ाई 16.5 मीटर है, जबकि यह 22 समुद्री मील से अधिक की गति से संचालन करने में सक्षम है। लगभग 4,200 टन विस्थापन वाले इस पोत को दो शक्तिशाली 7,500 किलोवाट डीजल इंजनों से संचालित किया जाता है, जो स्वदेशी रूप से विकसित कंट्रोल्ड पिच प्रोपेलर और गियरबॉक्स से जुड़े हैं। इससे जहाज को बेहतर गतिशीलता, संचालन में लचीलापन और करीब 6,000 समुद्री मील की लंबी सहनशक्ति मिलती है। ‘समुद्र प्रताप’ को कोच्चि में तैनात किया जाएगा और यह कोस्ट गार्ड रीजन (वेस्ट) के ऑपरेशनल कंट्रोल में रहते हुए कोस्ट गार्ड डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर नंबर 4 के माध्यम से अपने मिशन को अंजाम देगा।

जहाज पर कुल 14 अधिकारी और 115 कर्मी तैनात हैं, जिनमें पहली बार दो महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो भारतीय तटरक्षक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जहाज की कमान डीआईजी अशोक कुमार भामा को सौंपी गई है। इस अत्याधुनिक पोत की प्राथमिक भूमिका समुद्र में प्रदूषण की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना है। इसके लिए इसमें साइड-स्वीपिंग आर्म्स, फ्लोटिंग बूम, उच्च क्षमता वाले स्किमर, पोर्टेबल बजरा और एक आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण प्रयोगशाला जैसी उन्नत प्रणालियां मौजूद हैं। इसके अलावा यह पोत बाहरी अग्निशमन प्रणाली से लैस है, जिससे समुद्र में आग लगने की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा। जहाज में डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम, इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम और ऑटोमेटेड पावर मैनेजमेंट सिस्टम जैसे अत्याधुनिक स्वचालित सिस्टम लगाए गए हैं, जो मिशन की दक्षता और संचालन की सुरक्षा को कई गुना बढ़ाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से ‘समुद्र प्रताप’ में एक 30 मिमी सीआरएन-91 गन और दो 12.7 मिमी स्टेबिलाइज्ड रिमोट कंट्रोल्ड गन लगाई गई हैं, जिन्हें आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम का सपोर्ट प्राप्त है।

भारतीय तटरक्षक के बेड़े में इस जहाज के शामिल होने से समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, आग बुझाने, समुद्री निगरानी और सुरक्षा अभियानों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पोत न केवल भारत के विशाल समुद्री क्षेत्रों में निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया मिशनों को मजबूत करेगा, बल्कि देश की जहाज निर्माण क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का भी सशक्त उदाहरण बनेगा।

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