Noida: सचल दल व्यवस्था समाप्त, इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई का व्यापारियों ने किया स्वागत, ईमानदार कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत

Noida: सचल दल व्यवस्था समाप्त, इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई का व्यापारियों ने किया स्वागत, ईमानदार कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत
नोएडा में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, नोएडा इकाई ने राज्य कर विभाग द्वारा वर्षों पुरानी सचल दल व्यवस्था को समाप्त कर इंटेलिजेंस इनपुट आधारित कार्य प्रणाली लागू करने की पहल का जोरदार स्वागत किया है। व्यापार मंडल ने इसे व्यापार सुगमता, पारदर्शिता और भरोसेमंद कर व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी फैसला बताया है, जिससे ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
व्यापारियों का कहना है कि अब सड़कों पर वाहनों को रोककर कागजातों की जांच करने की पुरानी और विवादित प्रणाली की जगह ठोस, विश्वसनीय और प्रमाणिक इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। इससे न केवल व्यापारियों का समय बचेगा बल्कि तथाकथित इंस्पेक्टर राज पर भी प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
व्यापार मंडल ने राज्य कर विभाग द्वारा ग्रेड-2 के सभी अपर आयुक्तों से सचल दल इकाइयों की उपयोगिता, गुणवत्ता और इंटेलिजेंस आधारित कार्य मॉडल पर प्रस्ताव मांगे जाने को भी सकारात्मक और सुधारात्मक कदम बताया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग अब सिस्टम को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है।
व्यापार मंडल के चेयरमैन नरेश कुच्छल ने कहा कि सचल दल व्यवस्था की आड़ में लंबे समय से व्यापारियों के उत्पीड़न की शिकायतें सामने आती रही हैं। इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली लागू होने से ईमानदार व्यापारी सुरक्षित रहेंगे और कार्रवाई केवल वास्तविक जीएसटी चोरी करने वालों पर ही केंद्रित होगी। इससे कर व्यवस्था में विश्वास बढ़ेगा और व्यापारिक माहौल बेहतर होगा।
नोएडा इकाई के अध्यक्ष राम अवतार सिंह ने कहा कि राज्य कर विभाग का यह निर्णय व्यापार सुगमता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। सड़कों पर गाड़ियां रोककर जांच करने से व्यापार प्रभावित होता था और कई बार अनावश्यक विवाद की स्थिति बनती थी, जबकि नई व्यवस्था से व्यापारियों का सम्मान और समय दोनों सुरक्षित रहेंगे।
वरिष्ठ महामंत्री मनोज भाटी ने भी इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि व्यापार मंडल लंबे समय से यह मांग करता आ रहा था कि कर चोरी रोकने के नाम पर ईमानदार व्यापारियों को परेशान न किया जाए। इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर कार्रवाई होने से जहां जीएसटी चोरी पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं विभाग की कार्यशैली और छवि में भी सकारात्मक सुधार आएगा।
अंत में व्यापार मंडल ने राज्य सरकार और राज्य कर विभाग से अपेक्षा जताई कि इस नई व्यवस्था को जल्द से जल्द और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तथा व्यापारियों के साथ संवाद और सहयोग की भावना को और मजबूत किया जाए, ताकि प्रदेश में व्यापार और उद्योग को नई गति मिल सके।





