RML Hospital: फेफड़े के रोगों से पीड़ित बच्चों को आरएमएल अस्पताल में मिलेगी विशेष देखभाल

RML Hospital: फेफड़े के रोगों से पीड़ित बच्चों को आरएमएल अस्पताल में मिलेगी विशेष देखभाल
नई दिल्ली, 6 फरवरी: दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ने बच्चों में फेफड़े और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों के इलाज को और मजबूत करने के लिए पीडियाट्रिक पल्मनोलॉजी विभाग में छह बेड वाला विशेष आईसीयू शुरू किया है। इस नए आईसीयू के शुरू होने के साथ ही बाल चिकित्सा विभाग में कुल आईसीयू की संख्या बढ़कर 35 हो गई है।
इस नई सुविधा के माध्यम से अब 1 महीने से 18 साल तक के बच्चों को, जिन्हें प्रदूषण, जन्मजात या अन्य कारणों से श्वसन समस्याएँ हैं, अत्याधुनिक मशीनों और वेंटिलेटर के माध्यम से गहन देखभाल उपलब्ध होगी। यह आईसीयू दिल्ली में किसी भी अन्य सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है और विशेष रूप से फेफड़ों की जटिल बीमारियों, जन्मजात फेफड़ों की समस्याओं और गंभीर श्वसन रोगों के इलाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पीडियाट्रिक पल्मनोलॉजी डिवीजन को 2019 में आरएमएल अस्पताल के बाल रोग विभाग के तहत मंजूरी मिली थी। इस डिवीजन में श्वसन एवं फेफड़ों से संबंधित जटिल रोगों के लिए संपूर्ण व्यवस्था मौजूद है। विभाग में ब्रोंकोस्कॉपी लैब, स्लीप लैब और फेफड़ों की बीमारी के स्पेशल क्लीनिक भी स्थापित हैं। अब आईसीयू की उपलब्धता से इन बच्चों का इलाज और अधिक सुगम और प्रभावी हो जाएगा।
आईसीयू का उद्घाटन चिकित्सा निदेशक प्रो. अशोक कुमार और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विवेक दीवान ने किया। बाल चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रो. दिनेश कुमार यादव ने बताया कि छह नए आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की सुविधा से बच्चों के लिए स्पेशलाइज्ड केयर आसान हो जाएगा। विभाग की इंचार्ज प्रो. हेमा गुप्ता मित्तल ने बताया कि यह नई व्यवस्था न केवल दिल्ली बल्कि उत्तर भारत के बच्चों के लिए भी फेफड़ों की गंभीर बीमारियों में विशेष देखभाल प्रदान करेगी। इसके साथ ही पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के प्रशिक्षण और एकेडमिक प्रोग्राम में भी सुधार होगा।
इस कदम से आरएमएल अस्पताल बच्चों में फेफड़ों और श्वसन रोगों के उपचार में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे छोटे मरीजों को समय पर और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा मिल सके।





