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Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को दिखेगा ‘वंदे मातरम्’ का 150 साल का गौरव

Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को दिखेगा ‘वंदे मातरम्’ का 150 साल का गौरव

नई दिल्ली, 22 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर इस बार राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर देश की सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर भारत की प्रगति का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 17 झांकियां राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की और 13 झांकियां विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की होंगी।

इस वर्ष की झांकियों की मुख्य थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। खास बात यह है कि झांकियों के माध्यम से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी स्मरण कराया जाएगा। इन झांकियों में भारत की संस्कृति, परंपरा, नवाचार और आत्मनिर्भरता की यात्रा को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। कर्तव्य पथ पर यह रंगारंग झांकियां देश की एकता, गौरव और विकास की कहानी को जीवंत रूप में प्रदर्शित करेंगी। इस बार की झांकियों में हस्तशिल्प, लोकनृत्य, पर्यटन, डिजिटल साक्षरता, कृषि-उद्योग, नवाचार और स्वतंत्रता आंदोलन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियों में संस्कृति और सामर्थ्य का संगम देखने को मिलेगा। असम की झांकी में अशारीकांडी टेराकोटा क्राफ्ट विलेज की झलक दिखाई जाएगी। जम्मू-कश्मीर अपनी हस्तकलाओं और लोकनृत्यों को प्रदर्शित करेगा। केरल की झांकी में वॉटर मेट्रो और 100% डिजिटल साक्षरता पर विशेष ध्यान रहेगा। ओडिशा ‘मिट्टी से सिलिकॉन’ थीम के माध्यम से परंपरा और तकनीक के मेल को प्रदर्शित करेगा। पंजाब की झांकी में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित प्रस्तुति होगी। वहीं, पश्चिम बंगाल की झांकी स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल की भूमिका को सामने लाएगी।

मंत्रालयों और सेवाओं की 13 झांकियों में राष्ट्र निर्माण की ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा, शिक्षा, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, कौशल विकास, पंचायती राज और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। त्रि-सेवा झांकी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और संयुक्तता के माध्यम से विजय का संदेश दिया जाएगा। संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम् – राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ थीम पर आधारित होगी। एनडीएमए और एनडीआरएफ की झांकियों में भुज भूकंप के 25 वर्ष पूरे होने पर लचीलापन और आपदा प्रबंधन क्षमता प्रदर्शित की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग की झांकी नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभाव को दिखाएगी। विद्युत मंत्रालय की झांकी ‘प्रकाश गंगा’ थीम के जरिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का संदेश देगी, जबकि कौशल विकास मंत्रालय की झांकी भविष्य के लिए तैयार, कौशल-समर्थ भारत का संदेश प्रस्तुत करेगी।

इस तरह, 26 जनवरी 2026 की परेड में देश की विविधता, परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियों को कर्तव्य पथ पर एक शानदार दृश्य के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। यह झांकियां न केवल देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को बढ़ाएंगी, बल्कि आम जनता और युवा पीढ़ी को देश की प्रगति और नवाचार के प्रति प्रेरित करेंगी।

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