Priest Kidnapping: मन्नत पूरी नहीं हुई तो पुरोहित को बनाया बंधक, एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो आरोपी नोएडा में गिरफ्तार

Priest Kidnapping: मन्नत पूरी नहीं हुई तो पुरोहित को बनाया बंधक, एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो आरोपी नोएडा में गिरफ्तार

नोएडा। धार्मिक अनुष्ठान कराने के बावजूद कथित तौर पर मनोकामना पूरी नहीं होने से नाराज दो लोगों पर पुरोहित को बंधक बनाकर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। मामला नोएडा से शुरू होकर जौनपुर तक पहुंचा और फिर आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया। सेक्टर-113 थाना पुलिस ने रविवार को सर्फाबाद के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बंधक बनाए गए पुरोहित को सुरक्षित छुड़ा लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस और चाकू भी बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित अनिल तिवारी पुरोहित हैं और नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद में रहते हैं। कुछ समय पहले जौनपुर निवासी आशीष यादव और प्रवेश यादव ने अपनी एक मनोकामना को लेकर उनसे धार्मिक अनुष्ठान कराया था। आरोप है कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान पर आरोपियों ने पैसे खर्च किए, लेकिन उनकी अपेक्षा के मुताबिक मनोकामना पूरी नहीं हुई।

इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर पूजा कराने वाले पुरोहित को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने अनुष्ठान में खर्च हुई रकम वापस लेने की योजना बनाई और इसी उद्देश्य से अनिल तिवारी को दोबारा जौनपुर बुलाने की साजिश रची।

पुलिस के अनुसार, पांच सितंबर को आरोपियों ने एक और धार्मिक अनुष्ठान कराने के बहाने पुरोहित को जौनपुर बुलाया। अनिल तिवारी आरोपियों की बातों पर विश्वास कर वहां पहुंच गए। आरोप है कि जौनपुर पहुंचने के बाद उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया गया और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

इसके बाद आरोपियों ने पुरोहित से पहले कराई गई पूजा पर खर्च हुई रकम वापस करने की मांग की। आरोप है कि पुरोहित को छोड़ने के बदले उनके परिवार से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। पैसे नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

पुरोहित के अचानक गायब होने और रंगदारी की मांग सामने आने के बाद परिवार परेशान हो गया। नौ सितंबर को परिजनों ने नोएडा के सेक्टर-113 थाने में मामले की शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और पुरोहित को सुरक्षित छुड़ाने के लिए आरोपियों तक पहुंचने की रणनीति बनाई।

पुलिस की योजना के तहत पीड़ित के बेटे ने आरोपियों से बातचीत की और उन्हें बताया कि मांगी गई रकम नोएडा में दी जाएगी। आरोपियों को विश्वास दिलाया गया कि वे पुरोहित को लेकर नोएडा आएं और यहां रकम ले सकते हैं। बताया गया कि इसके बाद दो आरोपी अनिल तिवारी को लेकर नोएडा पहुंच गए।

रविवार को आरोपी कथित रंगदारी की रकम लेने के लिए सर्फाबाद क्षेत्र में पहुंचे। पुलिस पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मौका मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और पुरोहित को उनके कब्जे से सुरक्षित मुक्त कराया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष यादव और प्रवेश यादव के रूप में की है। दोनों जौनपुर जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के मशीदा गांव के रहने वाले बताए गए हैं। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एक तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद होने की बात कही गई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुरोहित को बंधक बनाने की पूरी योजना किस तरह तैयार की गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटाई जा रही है। मामले में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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