Fake Gold Fraud: नकली सोना दिखाकर 17 लाख रुपये की ठगी, महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार; नकदी और 4 लाख की FD फ्रीज
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में खुदाई के दौरान सोना-चांदी मिलने की कहानी सुनाकर लोगों को सस्ते दाम में कथित सोना बेचने और फिर नकली आभूषण थमाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का बिसरख थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने एक व्यक्ति के पिता को नकली सोने के आभूषणों से भरा बैग देकर 17 लाख रुपये ठग लिए थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक लाख 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा दो-दो लाख रुपये की दो एफडी यानी कुल चार लाख रुपये की सावधि जमा राशि को फ्रीज कराया गया है। आरोपियों के कब्जे से पीली धातु की चेन वाली झालर भी बरामद की गई है, जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, करीब एक महीने पहले अंकुल नाम के व्यक्ति ने बिसरख थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दो अज्ञात पुरुष और एक महिला उनके पिता के संपर्क में आए थे। आरोपियों ने उन्हें सोने के आभूषणों से भरा बैग देने का झांसा दिया और इसके बदले 17 लाख रुपये ले लिए। बाद में पता चला कि कथित सोने के आभूषण असली नहीं थे।
शिकायत मिलने के बाद बिसरख पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही लोकल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकी जानकारियों की मदद से संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में शामिल तीन आरोपियों की पहचान की। इनमें मनी नाम की महिला के अलावा दिल्ली के उत्तम नगर निवासी मोहन और गोकुलपुरी निवासी धर्मा शामिल हैं। पुलिस ने शनिवार को तीनों को चार मूर्ति से एटीएस गोल चक्कर की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया।
बिसरख थाना प्रभारी रंजीत सिंह के मुताबिक, आरोपियों का ठगी करने का तरीका पहले से तय रहता था। वे खुद को मजदूर बताकर संभावित शिकार से बातचीत शुरू करते थे। इसके बाद दावा करते थे कि खुदाई के दौरान उन्हें बड़ी मात्रा में सोना या चांदी मिली है। वे यह भी कहते थे कि किसी कारण से उन्हें इन आभूषणों को जल्दी और बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर बेचना है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पहली मुलाकात में ही सौदा पूरा करने के बजाय सामने वाले व्यक्ति का विश्वास जीतने की कोशिश करते थे। बातचीत आगे बढ़ने के बाद एक-दो दिन में कथित सोने के आभूषण दिखाए जाते थे। बाजार भाव से बेहद कम कीमत में सोना मिलने की बात सुनकर कुछ लोग लालच में आ जाते थे और सौदा करने के लिए तैयार हो जाते थे।
आरोप है कि रकम मिलने के बाद गिरोह असली सोने की जगह नकली आभूषण या पीली धातु से तैयार सामान देकर फरार हो जाता था। जब पीड़ित बाद में आभूषणों की जांच कराता था, तब उसे ठगी का पता चलता था। इस तरीके से आरोपी लोगों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाते थे।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों ने इससे पहले कितने लोगों के साथ इसी तरीके से ठगी की है। उनके बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। चार लाख रुपये की एफडी फ्रीज किए जाने के बाद पुलिस यह भी जांच रही है कि यह रकम ठगी से प्राप्त धन का हिस्सा है या नहीं।
पुलिस के मुताबिक, बिसरख क्षेत्र में इससे पहले भी इसी तरीके से ठगी करने वाले कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ऐसे गिरोह खुदाई में सोना मिलने या मजबूरी में सस्ता सोना बेचने जैसी कहानी बनाकर लोगों को जाल में फंसाते हैं। पुलिस ने लोगों से इस तरह के संदिग्ध प्रस्तावों से सतर्क रहने और अनजान व्यक्तियों से बिना जांच-पड़ताल के सोना या अन्य कीमती वस्तु नहीं खरीदने की अपील की है।
फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इसी तरीके से की गई संभावित वारदातों की जानकारी जुटाई जा रही है।


