Prerna Vimarsh 2026: ‘सांविधानिक पद पर रहे हामिद अंसारी का बयान उचित नहीं’, सीएम योगी ने मातृशक्ति के सम्मान पर दिया जोर

Prerna Vimarsh 2026: ‘सांविधानिक पद पर रहे हामिद अंसारी का बयान उचित नहीं’, सीएम योगी ने मातृशक्ति के सम्मान पर दिया जोर

नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान की आलोचना की और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और देश के लोग अपनी ऋषि परंपरा, देवी-देवताओं, तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हैं। उन्होंने सनातन परंपरा को विचारों को स्वीकार करने वाली परंपरा बताते हुए कहा कि कहीं से भी अच्छे विचार आएं, उनका स्वागत किया जाना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संकुचित सोच के साथ ‘तेरा-मेरा’ करने वाले लोग सनातन की व्यापकता को नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि सनातन सभी का है और भारतीय परंपरा ने इतिहास में अलग-अलग समुदायों और संप्रदायों को संकट के समय आश्रय दिया है।

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति की ओर से इस तरह का वक्तव्य उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयानों के माध्यम से भारत की परंपरा और संस्कृति की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने की कोशिश की जाती है। योगी ने अंसारी के बयान को लेकर कहा कि सनातन और हिंदू परंपरा को लेकर की गई टिप्पणियों से वह असहमत हैं।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अर्धसत्य के आधार पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने और देश के बारे में नकारात्मक धारणा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में व्यक्त राजनीतिक आलोचना थी। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपने हालिया वक्तव्य में हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की और इसे नारी तथा मातृशक्ति के सम्मान के मुद्दे से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं और बुजुर्गों को सम्मान देने तथा उन्हें प्राथमिकता देने की परंपरा रही है।

योगी आदित्यनाथ ने ‘पहले आप’ के संस्कार का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक जीवन में शिष्टाचार और मर्यादा का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय तक मातृशक्ति को विशेष स्थान दिया गया है और महिलाओं का सम्मान समाज की जिम्मेदारी है।

दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ का आयोजन 19 और 20 सितंबर को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की केंद्रीय थीम ‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ रखी गई थी। कार्यक्रम में नारी सम्मान, युवा शक्ति, सामाजिक और समकालीन विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए।

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