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Noida Protest Violence दूसरे दिन भी बवाल, पथराव और झड़प के बाद हालात काबू में

Noida Protest Violence दूसरे दिन भी बवाल, पथराव और झड़प के बाद हालात काबू में

Noida और Gautam Buddha Nagar में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी उग्र हो गया। फैक्ट्री कर्मचारी एक बार फिर सड़कों पर उतर आए और पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश करने पर कई जगहों पर झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान भीड़ ने 2-3 स्थानों पर पुलिस वाहनों पर पथराव किया, जिससे तनाव और बढ़ गया।

हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया और प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया। फिलहाल औद्योगिक क्षेत्रों में भारी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। सुबह 5 बजे से पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। इसके अलावा Provincial Armed Constabulary (PAC) और Rapid Action Force (RAF) की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं। सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 26 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिनमें 8 एडिशनल एसपी और 18 डीएसपी शामिल हैं, नोएडा भेजे गए हैं। हालात को देखते हुए ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां बंद रखी गई हैं।

पूरे मामले की निगरानी Rajeev Krishna द्वारा Lucknow के कंट्रोल रूम से की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा के दौरान हुई सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से कराई जाएगी। वहीं, पुलिस कमिश्नर Lakshmi Singh ने बताया कि अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और हिंसा भड़काने वाले कई समूहों की पहचान की गई है।

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर करीब 50 हैंडल ऐसे मिले हैं, जिनके जरिए अफवाहें फैलाकर लोगों को उकसाने की कोशिश की गई। इन सभी की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।

इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की प्रमुख मांग को मानते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में लगभग 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल से लागू होगी। सोमवार देर रात हाईलेवल कमेटी और कर्मचारियों के बीच हुई बैठक के बाद सरकार ने सिफारिशों को मंजूरी देते हुए आदेश जारी कर दिया।

गौरतलब है कि सोमवार को हुए पहले दिन के हिंसक प्रदर्शन में हालात बेहद बिगड़ गए थे। करीब 42 हजार कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की थी। इस दौरान 50 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि 150 से ज्यादा वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था। पुलिस पर भी जमकर पथराव हुआ था।

नोएडा में जारी यह आंदोलन अब कानून-व्यवस्था और औद्योगिक माहौल के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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