Noida Authority Reshuffle: नोएडा प्राधिकरण का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सिंगल पॉइंट जवाबदेही लागू

Noida Authority Reshuffle: नोएडा प्राधिकरण का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सिंगल पॉइंट जवाबदेही लागू
नोएडा प्राधिकरण ने जवाबदेही मजबूत करने और विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति खत्म करने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग संचालित पब्लिक हेल्थ और नोएडा ट्रैफिक सेल की जिम्मेदारियां अब जोनल वर्क सर्किलों को सौंप दी गई हैं। इस बदलाव का मकसद निर्णय प्रक्रिया को तेज करना और फील्ड स्तर पर निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।
संशोधित ढांचे के अनुसार वर्क सर्किल 1 से 5 का प्रभार जीएम एसपी सिंह को सौंपा गया है, जबकि वर्क सर्किल 6 से 10 की जिम्मेदारी जीएम एके अरोड़ा को दी गई है। एसपी सिंह पहले ट्रैफिक सेल और पब्लिक हेल्थ विभाग के साथ सिविक कार्यों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। अब वे अपने क्षेत्र में स्वच्छता, सीवर रखरखाव, नालों की सफाई, खुदाई की निगरानी, सड़क बहाली और ट्रैफिक से जुड़े सिविल कार्यों की एकीकृत जिम्मेदारी निभाएंगे। इसी तरह अरोड़ा को भी अपने जोन में सभी संबंधित कार्यों की समेकित जिम्मेदारी दी गई है।
नई व्यवस्था में सीनियर मैनेजर और प्रोजेक्ट स्टाफ सीधे संबंधित वर्क सर्किल के जीएम को रिपोर्ट करेंगे। इससे सिंगल-पॉइंट जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। प्राधिकरण का मानना है कि इससे फाइलों के अनावश्यक आदान-प्रदान, विभागों के बीच भ्रम और निर्णय में देरी की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी।
यह पुनर्गठन सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी में 27 वर्षीय युवराज सिंह की मौत के बाद किया गया है। युवराज खुले ट्रेंच में गिरकर डूब गए थे। घटना के बाद बैरिकेडिंग, खुदाई के सुरक्षा मानकों और साइट मॉनिटरिंग को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया था कि ट्रेंच बिना पर्याप्त चेतावनी संकेत, रोशनी या सुरक्षा कवर के खुला छोड़ा गया था, जिससे यह हादसा हुआ।
अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2012 में गठित ट्रैफिक सेल और पब्लिक हेल्थ विभाग समय के साथ सिविल विभाग से अलग-अलग कार्य करते रहे। खुदी सड़कों की मरम्मत, ट्रेंच बहाली और जलभराव जैसे मामलों में फाइलें एक विभाग से दूसरे विभाग तक घूमती रहती थीं, जिससे देरी और जवाबदेही का अभाव पैदा होता था। नई व्यवस्था से ओवरलैपिंग जिम्मेदारियों को खत्म कर कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस बदलाव से शहर में विकास कार्यों की गति बढ़ेगी और नागरिक सुविधाओं में सुधार देखने को मिलेगा।




