Indigo Flights Cancellation: इंडिगो उड़ान रद्द संकट: चौथे दिन भी यात्रियों की मुश्किलें बरकरार, किराया आसमान पर; सरकार ने उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए

Indigo Flights Cancellation: इंडिगो उड़ान रद्द संकट: चौथे दिन भी यात्रियों की मुश्किलें बरकरार, किराया आसमान पर; सरकार ने उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो द्वारा लगातार चौथे दिन बड़ी संख्या में उड़ानों को रद्द किए जाने से देशभर के हवाई अड्डों पर हज़ारों यात्री फंसे हुए हैं और स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल 1 पर यात्रियों की भारी भीड़ और अव्यवस्था के दृश्य सामने आए, जहां लोग घंटों से बिना किसी स्पष्ट जानकारी के इंतज़ार कर रहे हैं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया और हवाई अड्डों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि उन्हें ना सही जानकारी दी जा रही है और ना ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था।
इंडिगो ने घोषणा की कि दिल्ली एयरपोर्ट से शुक्रवार (5 दिसंबर) रात 11:59 बजे तक सभी घरेलू उड़ानें रद्द रहेंगी। एयरलाइन ने कहा कि वह इस संकट के लिए यात्रियों से गहरी क्षमा मांगती है और स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। कंपनी के बयान में कहा गया कि यह संकट मुख्य रूप से नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) मानदंडों के लागू होने के बाद क्रू में गंभीर कमी की वजह से उत्पन्न हुआ है, जिसके कारण संचालन बाधित हुआ।
सरकार ने इस संकट को गंभीरता से लेते हुए उच्च-स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। केंद्र ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को निर्देश दिया है कि वह इंडिगो के संचालन और उसके प्रबंधन से जुड़े मुद्दों की विस्तृत समीक्षा करे। इसके साथ ही सरकार ने नए एफडीटीएल नियमों को तात्कालिक प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया है, ताकि उड़ान संचालन को सामान्य करने में तेजी लाई जा सके।
सूत्रों के अनुसार DGCA ने इंडिगो को 10 फरवरी तक एक बार की छूट प्रदान की है, जिसमें रात्रिकालीन परिचालन के नियमों में ढील शामिल है। एयरलाइन ने गुरुवार को इस छूट का अनुरोध किया था, क्योंकि उसके अनुसार पूर्णतः पालन करने की स्थिति में पायलटों की शेड्यूलिंग में भारी बाधा आई।
हालत और भी खराब तब हो गई जब उड़ानें रद्द होने के बीच एयरफेयर में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई।
शुक्रवार (5 दिसंबर) को उपलब्ध एकमात्र मुंबई–दिल्ली उड़ान का किराया प्रति यात्री ₹51,860 तक पहुंच गया, जबकि दिल्ली–मुंबई उड़ान में एक सीट की उपलब्धता ₹48,972 दिखाई गई। यात्रियों ने एयरलाइन पर संकट के दौरान अत्यधिक किराया वसूली का आरोप लगाया और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
लगातार उड़ानें रद्द होने से हवाई अड्डों पर सैकड़ों परिवार, बुजुर्ग यात्री, बच्चे और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्री बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई यात्रियों ने कहा कि वे पूरी रात फर्श पर बैठे रहे और एयरलाइन ने कोई भोजन या आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने वीडियो साझा किए जिसमें गेट बंद, बोर्डिंग रोक और भीड़ में अफरा-तफरी देखी जा सकती है।
परिस्थिति अभी भी गंभीर है और माना जा रहा है कि उड़ानों का संचालन सामान्य होने में अभी कई दिन लग सकते हैं, क्योंकि इंडिगो अपनी 60% से अधिक घरेलू बाजार हिस्सेदारी के कारण देशभर के नेटवर्क को प्रभावित कर रही है।
सरकार ने कहा है कि वह स्थिति की पल-पल निगरानी कर रही है और यदि ज़रूरत पड़ी तो अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।
इंडिगो ने अपील की है कि यात्री यात्रा से पहले अपनी उड़ान की स्थिति अवश्य जांचें।
इस बीच, पूरे देश की निगाहें DGCA की कार्रवाई और संकट के समाधान पर टिकी हुई हैं।
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