
New Delhi : राजधानी में पशु कल्याण को मजबूत करने और निराश्रित गौवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गौशालाओं को लीज विस्तार समझौते के प्रमाणपत्र सौंपे और आधुनिक बायोगैस इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता वितरित की।
सरकार की पशुपालन इकाई के तहत संचालित सुल्तानपुर डबास, रेवला खानपुर, हरेवली और सुरहेड़ा गौशालाओं के प्रतिनिधियों को चारा भुगतान, बकाया राशि और लाइसेंस तथा लीज नवीनीकरण से जुड़े आदेश भी प्रदान किए गए। ये गौशालाएं स्थानीय निकायों द्वारा लाए गए निराश्रित गौवंश की देखभाल, भोजन और उपचार की जिम्मेदारी निभाती हैं।
इस पहल के तहत कुल लगभग 20.26 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें 7.64 करोड़ रुपये जून 2024 से मार्च 2025 तक के बकाया भुगतान के लिए और 12.62 करोड़ रुपये अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक के चारे के खर्च के लिए दिए गए हैं। साथ ही चारों गौशालाओं के लंबे समय से लंबित लाइसेंस और लीज समझौते भी नवीनीकृत कर दिए गए हैं, जिससे गौवंश को निरंतर भोजन, सुरक्षित आवास और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
सरकार की इस योजना का उद्देश्य गोबर से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना है। प्रथम चरण में 10 आधुनिक गौशालाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जबकि आगे चलकर 40 गौशालाओं को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गौशालाओं को केवल पशु आश्रय स्थल नहीं बल्कि सेवा और करुणा के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। उन्होंने आवारा और बेसहारा पशुओं, विशेषकर गायों के संरक्षण को आवश्यक बताते हुए कहा कि किसी भी पशु को सड़कों पर उपेक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गौशालाओं को समय पर वित्तीय सहायता और प्रशासनिक सहयोग देना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि प्रबंधन बिना बाधा के पशुओं की देखभाल पर ध्यान केंद्रित कर सके।
कार्यक्रम में उपस्थित गौशाला प्रतिनिधियों ने सरकार द्वारा दी गई सहायता और सहयोग के लिए आभार जताते हुए गौवंश के संरक्षण और सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।





