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Lucknow: लखनऊ में KGMU प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, VC का पुतला फूंका, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

Lucknow: लखनऊ में KGMU प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, VC का पुतला फूंका, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी चौराहे पर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ आम नागरिकों और चिकित्सकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर का पुतला फूंका, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि KGMU से जुड़े गंभीर मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जा रही है और आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े कथित लव जिहाद, बलात्कार और महिला उत्पीड़न जैसे मामलों में प्रशासन की भूमिका लगातार सवालों के घेरे में रही है। आरोप लगाया गया कि इन संवेदनशील मामलों की जांच में लापरवाही बरती गई और कई शिकायतों को दबाने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी गईं, जिससे महिलाओं का भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है।

आम नागरिकों और चिकित्सकों ने एकजुट होकर कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से शिकायतें लंबित हैं और अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं। इसी के विरोध में सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे और KGMU प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान कई अहम मांगें रखी गईं। इनमें कथित धर्मांतरण और लव जिहाद से जुड़े मामलों की एसटीएफ से जांच कराए जाने की मांग प्रमुख रही। इसके साथ ही बलात्कार के आरोपी बताए जा रहे रमीज मालिक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि महिलाओं से जुड़े पुराने और दबे हुए मामलों की फाइलें दोबारा खोली जाएं और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर से इस्तीफा लेने, कार्यालय में नियमों के विपरीत की गई नियुक्तियों को रद्द करने और पेंशन से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर जांच और कार्रवाई की मांग भी की। लोगों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह आंदोलन सिर्फ एक दिन का नहीं है, बल्कि न्याय मिलने तक जारी रहेगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले में पारदर्शिता बरती जाए और पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए।

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