Investment Scam: निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर दो लोगों से 37 लाख रुपये की साइबर ठगी, पुलिस ने शुरू की जांच

Investment Scam: निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर दो लोगों से 37 लाख रुपये की साइबर ठगी, पुलिस ने शुरू की जांच
नोएडा में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर दो लोगों से करीब 37 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराने के बाद साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है।
पहला मामला सेक्टर-24 निवासी रवि प्रसाद सक्सेना का है, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और शेयर बाजार में निवेश करते हैं। पीड़ित के अनुसार 24 मार्च 2025 को उनके टेलीग्राम अकाउंट पर अजीत खुराना नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया। उसने खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताते हुए कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया। बातचीत के दौरान आरोपी ने रवि को एक निवेश ऐप डाउनलोड कराकर उसमें पंजीकरण कराया और शुरुआत में छोटी राशि निवेश करने की सलाह दी।
रवि प्रसाद के अनुसार शुरुआती निवेश पर ऐप में लगातार मुनाफा दिखाई देता रहा। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने निवेश की गई कुछ राशि और कथित लाभ भी उनके बैंक खाते में वापस भेज दिया। इससे उनका भरोसा बढ़ गया और उन्होंने बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी। 31 मार्च तक उन्होंने सात अलग-अलग किश्तों में करीब 16 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
कुछ समय बाद जब रवि प्रसाद ने अपनी निवेश की गई रकम निकालने का प्रयास किया तो ऐप पर निकासी रोक दी गई। आरोपियों ने टैक्स और अन्य चार्ज जमा कराने की मांग की। जब उन्होंने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो ठगों ने उनसे संपर्क पूरी तरह समाप्त कर दिया। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
दूसरा मामला सेक्टर-75 निवासी सेवानिवृत्त बैंककर्मी उम्मेद सिंह से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार 9 जनवरी को युविका सान्याल नाम की महिला ने उनसे संपर्क किया और खुद को ‘रुद्रा शेयर स्टॉक ब्रोकर’ का प्रतिनिधि बताया। महिला ने दावा किया कि उसकी सलाह पर निवेश करने से 30 प्रतिशत तक मुनाफा मिल सकता है। आरोपी ने अलग-अलग शेयरों में निवेश कराने के नाम पर उम्मेद सिंह से 15 किश्तों में करीब 21 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।
जब उम्मेद सिंह ने अपनी निवेश राशि वापस निकालने की कोशिश की तो उन्हें कोई पैसा नहीं मिला। इसके बाद आरोपियों ने उनसे संपर्क बंद कर दिया। उन्होंने भी एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। दोनों मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई है उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। डिजिटल ट्रेल, बैंक लेनदेन और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में ठग सबसे पहले टेलीग्राम, व्हाट्सऐप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। इसके बाद वे खुद को निवेश सलाहकार, स्टॉक ब्रोकर या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर फर्जी ऐप या वेबसाइट पर पंजीकरण कराते हैं। शुरुआत में नकली मुनाफा दिखाकर और कभी-कभी थोड़ी रकम वापस भेजकर लोगों का विश्वास जीता जाता है। इसके बाद बड़ी रकम निवेश कराने के बाद निकासी के समय टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी या अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं। अंत में ठग संपर्क तोड़ देते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिले निवेश प्रस्ताव पर बिना जांच भरोसा न करें। केवल सेबी से पंजीकृत निवेश सलाहकारों और अधिकृत ब्रोकर्स के माध्यम से ही निवेश करें। किसी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड करने से बचें और यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम को समय रहते फ्रीज कराने की संभावना बढ़ सके।





