Health News: मरीज को निजी अस्पताल रेफर करने की मांग को लेकर ईएसआईसी अस्पताल में सफाई कर्मियों का हंगामा

Health News: मरीज को निजी अस्पताल रेफर करने की मांग को लेकर ईएसआईसी अस्पताल में सफाई कर्मियों का हंगामा
नोएडा के सेक्टर-24 स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब नोएडा प्राधिकरण के बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। सफाई कर्मचारी अपने एक साथी की गंभीर रूप से बीमार पत्नी को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर किए जाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर में नारेबाजी की गई और कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर वे हड़ताल पर चले जाएंगे। जानकारी के अनुसार सेक्टर-41 स्थित अगाहपुर गांव निवासी संजू की पत्नी प्रिया (34) पिछले चार महीनों से ईएसआईसी अस्पताल में भर्ती हैं। प्रिया की तबीयत फरवरी महीने में अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि लंबे समय तक उपचार के बावजूद उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। प्रिया के पति संजू, जो पेशे से सफाई कर्मचारी हैं, ने बताया कि बीमारी के शुरुआती चरण में डॉक्टरों ने मरीज को ईएसआईसी के सहयोगी एक निजी अस्पताल में रेफर किया था। वहां प्रिया के मस्तिष्क की सर्जरी भी हुई थी और उपचार के बाद उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा था। लेकिन बाद में उन्हें वापस ईएसआईसी अस्पताल भेज दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद से मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और कई बार उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखना पड़ा। मरीज की स्थिति को लेकर चिंतित सफाई कर्मियों ने अस्पताल प्रशासन से कई बार बेहतर सुविधा वाले अस्पताल में रेफर करने की मांग की। जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो सोमवार सुबह बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक नारेबाजी होती रही। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष सतवीर मखवाना ने कहा कि नोएडा में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण कार्य से जुड़े करीब 1100 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो सभी सफाई कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपने साथी के परिवार को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति ऐसी हो गई कि नोएडा प्राधिकरण की कचरा ढोने वाली गाड़ियां भी अस्पताल परिसर में जमा होने लगीं। इससे अस्पताल परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बन गई। हालांकि बाद में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बातचीत का दौर चला और मामले को शांत कराने का प्रयास किया गया। इस बीच ईएसआईसी अस्पताल प्रशासन ने मरीज की चिकित्सा स्थिति को लेकर अपना पक्ष भी रखा। अस्पताल की डीन डॉ. हरनाम कौर ने बताया कि मरीज फेफड़ों की टीबी से पीड़ित है और संक्रमण शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल चुका है। इसी वजह से उसकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि परिजनों की मांग और चिकित्सकीय आवश्यकता को देखते हुए मरीज को निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन के इस निर्णय के बाद प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को कुछ राहत मिली। हालांकि सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वे मरीज के उपचार की स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवाज उठाएंगे। फिलहाल मरीज को बेहतर उपचार के लिए रेफर किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।





