Greater Noida Road Expansion: जीटा-वन से 130 मीटर रोड तक सड़क होगी छह लेन, ट्रैफिक होगा आसान

Greater Noida Road Expansion: जीटा-वन से 130 मीटर रोड तक सड़क होगी छह लेन, ट्रैफिक होगा आसान
Greater Noida में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण की बड़ी योजना पर काम तेज कर दिया गया है। सेक्टर जीटा-वन स्थित एटीएस गोलचक्कर से 130 मीटर चौड़ी सड़क तक जाने वाले मार्ग को अब छह लेन का बनाया जाएगा, जिससे शहर में आवाजाही और अधिक सुगम हो जाएगी।
प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने इस परियोजना की तैयारी शुरू कर दी है और जल्द ही उच्च अधिकारियों से सैद्धांतिक व प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद निविदा जारी की जाएगी। योजना के अनुसार करीब 2 किलोमीटर लंबी इस सड़क को चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किया जाएगा।
यह सड़क एटीएस सोसाइटी से मकौड़ा गोलचक्कर तक जाती है, जो 130 मीटर मुख्य सड़क से जुड़ती है। पिछले 6-7 वर्षों में आबादी और वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके कारण इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी जा रही है।
सड़क चौड़ी होने से साकीपुर और जैतपुर गांव के साथ-साथ आम्रपाली, एसोटेक, एसकेएस और मिग्सन जैसी हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा Greater Noida West, दादरी, सूरजपुर और तिलपता की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी सफर आसान हो जाएगा।
इस परियोजना का एक बड़ा फायदा Noida International Airport जाने वाले यात्रियों को भी मिलेगा, क्योंकि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में ट्रैफिक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
प्राधिकरण ने शहर की अन्य प्रमुख सड़कों को भी चौड़ा करने की योजना बनाई है, जिनमें एलजी से रामपुर सेक्टर बीटा-1 गोलचक्कर, नॉलेज पार्क से शारदा गोलचक्कर, गलगोटिया अंडरपास से नासा पार्किंग, सेक्टर पाई-1 आईटीबीपी गोलचक्कर से नटो की मढ़ैया और सिरसा गोलचक्कर से खेरली नहर तिराहा तक के मार्ग शामिल हैं। साथ ही 130 मीटर सड़क पर बसों के संचालन के लिए अलग लेन तैयार करने की भी योजना है।
प्राधिकरण के सीईओ Ravi Kumar NG ने कहा कि जिन सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चौड़ा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यातायात का दबाव और बढ़ेगा, इसलिए अभी से सभी कनेक्टिंग सड़कों को विकसित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में जाम की समस्या से बचा जा सके।
यह परियोजना ग्रेटर नोएडा की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ शहर को बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।





