Greater Noida: उद्योग शुरू न करने वालों पर सख्ती, ग्रेटर नोएडा में चार औद्योगिक भूखंडों का आवंटन रद्द

Greater Noida: उद्योग शुरू न करने वालों पर सख्ती, ग्रेटर नोएडा में चार औद्योगिक भूखंडों का आवंटन रद्द
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने औद्योगिक विकास को गति देने और जमीन के सही उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय से निष्क्रिय पड़े औद्योगिक भूखंडों के आवंटियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में प्राधिकरण ने चार औद्योगिक भूखंडों का आवंटन रद्द कर दिया है। इससे पहले इसी माह 13 भूखंडों का आवंटन निरस्त किया जा चुका है। इस तरह जनवरी माह में अब तक कुल 17 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन रद्द किया जा चुका है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में करीब 300 ऐसे औद्योगिक भूखंड हैं, जिन पर वर्षों पहले आवंटन होने के बावजूद अब तक उद्योग शुरू नहीं किया गया है। कुछ मामलों में शुरुआती दौर में उद्योग लगाए गए थे, लेकिन बाद में वे बंद हो गए और जमीन लंबे समय से खाली पड़ी है। औद्योगिक विकास को बाधित करने वाली इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण का उद्योग विभाग सभी ऐसे मामलों की गहन समीक्षा कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि जिन चार भूखंडों का हाल ही में आवंटन रद्द किया गया है, वे वर्ष 2010 के आसपास आवंटित किए गए थे। नियमों के अनुसार औद्योगिक भूखंड आवंटन के पांच वर्ष के भीतर उद्योग शुरू करना अनिवार्य होता है। प्राधिकरण की ओर से आवंटियों को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। लगातार नियमों की अनदेखी को देखते हुए प्राधिकरण ने इन भूखंडों का आवंटन रद्द करने का फैसला लिया।
इसके अलावा प्राधिकरण ने 60 अन्य औद्योगिक भूखंड आवंटियों को भी नोटिस जारी किए हैं। इन आवंटियों से पूछा गया है कि उन्होंने अब तक उद्योग क्यों शुरू नहीं किया और जमीन का उपयोग किस कारण से नहीं हो पा रहा है। नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बाद उनके जवाबों की जांच की जाएगी और संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने बताया कि प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना और कीमती औद्योगिक भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जो आवंटी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और वर्षों से जमीन को निष्क्रिय रखे हुए हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी, ताकि ग्रेटर नोएडा को एक मजबूत औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सके।





