Noida visa fraud: ग्रेटर नोएडा में फर्जी वीजा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी

Noida visa fraud: ग्रेटर नोएडा में फर्जी वीजा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी
ग्रेटर नोएडा में विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी वीजा गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। बिसरख थाना पुलिस ने सोमवार को इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि उसके साथी की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपी के पास से कई पासपोर्ट, फर्जी वीजा की कॉपी, विजिटिंग कार्ड, नकदी और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लोगों को फिनलैंड, पोलैंड और रूस जैसे देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम वसूलता था।
पुलिस के मुताबिक इस मामले की शुरुआत तब हुई जब एक व्यक्ति ने थाना बिसरख में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि सक्षम शर्मा और राजीव शर्मा नाम के दो लोगों ने उसे विदेश भेजने और वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि आरोपियों ने उसका पासपोर्ट लेकर वीजा तैयार करने की बात कही और कुछ समय बाद व्हाट्सएप के जरिए वीजा की कॉपी भेज दी। बाद में जब शिकायतकर्ता ने संबंधित दूतावास से वीजा की जानकारी ली तो पता चला कि वह पूरी तरह फर्जी और कूट रचित है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और एक विशेष टीम का गठन किया। बिसरख पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। इसी दौरान सोमवार को एटीएस रोड से आरोपी सक्षम शर्मा उर्फ बिट्टू पुत्र पालाराम को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार दूसरा आरोपी राजीव शर्मा उर्फ सुरेंद्र अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 8 पासपोर्ट, 90 विजिटिंग कार्ड, 24 फर्जी वीजा की फोटो कॉपी, एक फर्म रजिस्ट्रेशन, दो फर्म सर्टिफिकेट, दो मोहर, तीन मोबाइल फोन और 47 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगा है।
डीसीपी शक्ति अवस्थी के अनुसार आरोपी सक्षम शर्मा और राजीव शर्मा ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी मॉल में “स्काई वीजा वेंचर” नाम से एक ऑफिस चलाते थे। यहां से वे कॉलिंग और अन्य माध्यमों से लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। आरोपी अपने असली नाम छिपाकर फर्जी नामों का इस्तेमाल करते थे, जिससे लोगों को शक न हो।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फिनलैंड, पोलैंड और रूस जैसे देशों में वर्क वीजा दिलाने का दावा करते थे। वे प्रत्येक ग्राहक से 80 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक फीस वसूलते थे। कई मामलों में आरोपियों ने विदेश भेजने और नौकरी दिलाने की गारंटी के नाम पर एग्रीमेंट भी तैयार किए थे, ताकि लोगों का भरोसा जीत सकें।
जब ग्राहक वीजा और अपना पासपोर्ट वापस मांगते थे, तो आरोपी फर्जी वीजा तैयार कर उसकी फोटो कॉपी व्हाट्सएप पर भेज देते थे। बाद में जब लोग दूतावास या संबंधित एजेंसियों से वीजा की पुष्टि करते थे, तब उन्हें पता चलता था कि वीजा पूरी तरह नकली है। इस तरह आरोपी लोगों से लाखों रुपये की ठगी करते रहे।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी इस तरह के मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र और हरियाणा के पानीपत में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने मिलकर सैकड़ों लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगा और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और फरार साथी की तलाश जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




