GIMS Protest: नोएडा GIMS में धरना हटाने पर सपा का हंगामा, कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क जाम कर प्रदर्शन

GIMS Protest: नोएडा GIMS में धरना हटाने पर सपा का हंगामा, कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क जाम कर प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) में आउटसोर्स कर्मचारियों का 10 दिनों से चल रहा धरना समाप्त कराए जाने के विरोध में गुरुवार को समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क जाम कर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया।
सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देर रात पुलिस बल का इस्तेमाल कर कर्मचारियों का धरना खत्म कराया गया और आंदोलन में शामिल कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ता कुछ देर तक कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। बाद में सभी कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट परिसर ले जाया गया।
सपा ने लगाया तानाशाही का आरोप
सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बजाय सरकार पुलिस के जरिए आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्स कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ सख्ती बरती गई।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कर्मचारियों को अपनी समस्याएं रखने का अधिकार है और सरकार को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी कर्मचारियों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज को आगे तक उठाएगी।
GIMS प्रबंधन ने बताई अलग वजह
वहीं, GIMS प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारियों के धरने के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते संस्थान के कामकाज को सामान्य बनाए रखने के लिए धरना समाप्त कराया गया।
प्रबंधन के अनुसार, अस्पताल में मरीजों की सुविधा सबसे महत्वपूर्ण है और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक और कर्मचारी संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है।




