अपनी मांगों के लिए Ghazipur Dairy Farm संगठन ने दिल्ली सरकार के खिलाफ किया धरना प्रदर्शन

अपनी मांगों के लिए  Ghazipur Dairy Farm संगठन ने दिल्ली सरकार के खिलाफ किया धरना प्रदर्शन

रिपोर्ट: रवि डालमिया

पूर्वी दिल्ली के गाज़ीपुर डेरी फार्म (  Ghazipur Dairy Farm)  संगठन के अधिकारी और डेयरी फार्म के किसान जो अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं उनकी मांग है किजैसे की सभी डेरी फार्म को मालूम है सन 1976 में आपातकाल का टाइम लगा था जब हमें दिल्ली वॉल सिटी से चारों साइड से निकलकर दिल्ली के दसों कोनों पर डेरी फॉर्म बताए गए थे सब जगह व्यापार जंगल था सभी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था फोर्सफुली हमें वहां पर शिफ्ट किया गया दसों डेरी फार्म के नाम इस प्रकार हैं गाज़ीपुर डेरी फार्म मदनपुर डेरी फार्म मकसूदपुर डेरी फार्म यह तीनों डेरी फार्म डीडीए द्वारा बनाए गए थे और साथ डेरी फार्म जो एमसीडी द्वारा बनाए गए थे कोयला डेरी फार्म नगली डेरी फार्म चक्रवर्ती डेरी फार्म शाहबाद दौलतपुर डेरी फार्म बिलासपुर डेरी फार्म डेरी फार्म जब हमें यह डेरी फार्म जब इमरजेंसी के टाइम में डेरी फार्म को शिफ्ट किया गया था सरकार के द्वारा उसे समय हमें सारी मूलभूत सुविधाएं दी गई थी जैसे दरी पर सेट बनाकर दिए गए थे या प्लॉट प्लॉट दिए गए दिए गए थे दिए गए थे हमें सारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थी

सरकार की तरफ से एक अस्पताल दिया गया था जो आज भी मौजूद है गोबर गैस प्लांट दिया गया था जिसको तोड़कर आज बिजली घर बना दिया गया 155 एकड़ का तालाब दिया गया था जिनको हमारे गोचर वगैरह को हटाकर उसे तालाब की जगह पर कूड़े का पहाड़ बना दिया गया है डीएमएस दिया गया था जो की बीच में इमरजेंसी में जब डेरी का बुरा हाल हुआ था तब से वह हटा दिया गया इन सारी परिस्थितियों को झेलते हुए सन 1978 के अंदर एक मर्तबा फिर यहां पर बाढ़ आई उसे बाढ़ में हमारा सब कुछ दबाव बर्बाद हो गया हम सब लोग अपनी पुरानी जगह पर वापस चले गए फिर गवर्नमेंट ने हमें आश्वासन दिया कि आप अपनी जगह पर डेरी फार्म में वापस जाइए हम आपके वहां पर फैसिलिटी देंगे तो उन्होंने हमसे कमिटमेंट किया

दादा ने यह कमिटमेंट किया कि आपको रहने के लिए फ्लैट देंगे₹926 देरी के लिए 926 फ्लैट बनाए गए लेकिन वह फ्लैट जब हम उसके सारे आंसर यहां पर दोबारा बस गए तो इन्होंने वह भी ब्लैक कर दिए हमारे साथ शुरू से लेकर आज तक अत्याचार हो रहा है सन 1982 83 के अंदर महामारी आई महामारी आई जिससे हमारे पशुओं का काफी नुकसान हुआ जब से लेकर आज तक हम जैसे तैसे अपना लालन पालन कर रहे है डेरी फार्म के आसपास बसावट आने लगी जिसकी वजह से हमारा दूध भी आराम से यहां पर बिकने लगा और सप्लाई भी होने लगा अब गवर्नमेंट का तरफ से हो रही परेशानी से हम सब डेरी वाले परेशान हैं पूरे का पहाड़ गवर्नमेंट ने बनाया उड़े के पहाड़ की वजह से कोर्ट यह क्या बोलती है कि यहां पर पशुओं का रहना उनके जीवन के अनुसार अनुकूलित नहीं है हमारी दरखास्त यह है अगर यह पशुओं के लिए अनुकूल नहीं है तो हमें 114 काम जो बिना पॉल्यूशन वाले हैं वह करने की इजाजत दे दी जाए हम उसे अपने परिवार का लालन पालन करते रहेंगे आप कुछ हमारे साथ अत्याचार कर रही हैं ब्रेस्ट एनजीओ के अत्याचार से हम डेरी फार्मर काफी परेशान है क्योंकि वह कोर्ट को जो करते हमारी तरफ से किया नहीं जा रहा है उसको दिखा रही है जैसे पहाड़ के ऊपर आवारा पशु चलते हुए के फोटोग्राफ भेज कर देरी वालों के नाम बताया जा रहा है जबकि ऐसा सत्य नहीं है वह पशु किसी के नहीं है आवारा है सरकार और आवारा पशु के किए गए कितने का भुगतान हम लोग कैसे करेंगे।

सरकार ने जो हमारे ऊपर कूड़े का पहाड़ बनाया है उसकी वजह से हमारा गोचर खत्म हो जिसके कारण पानी का वाटर लेवल डाउन चल गया है यह सब परेशानी है हमें हो रही है समय-समय पर सरकार से भी पानी मांगा गया है लेकिन कोई व्यवस्था वह भी नहीं दे पा रही है। हमारे कर आग्रह और ग्रीन बेल्ट की जगह मेट्रो सर्विस स्टेशन मुर्गा मंडी मछली मंडी कागज मंडी बना दी गई और इसके साथ ही स्लेटरल हाउस भी गाजीपुर में बना दिया। हमारे विरोध करने के बाद 2004 में कमिश्नर राकेश मेहता जी ने हमें आश्वासन दिया था। आप से लेटर हाउस का विरोध मत करो मैं गाजीपुर को फ्री होल्ड कर दूंगा और जल बोर्ड का पानी देने का वादा किया था हमें आश्वासन के बाद वापस आ गए। लेकिन मैं तो जल बोर्ड का पानी मिला और नहीं दो सन दो आज तक देरी फ्री होल्ड हुई है सन 2019 में गाज़ीपुर डेरी फार्म में सरकार द्वारा गोबर गैस प्लांट का उद्घाटन किया गया था मगर वह बना नहीं है बना नहीं है हमारी सरकार से दरखास्त है कि उसे तुरंत जल्दी से जल्दी बनाकर हमारी गोबर वाली समस्या का समाधान करें अन्यथा हम इतनी परेशानियों के बावजूद अपने काम को कंटिन्यू करने में और शहरी दूध सप्लाई की चेन को कंटिन्यू नहीं कर पाएंगे जिसकी वजह से दूध की समस्या पैदा हो जाएगी बर्दाश्त से बाहर बात हो गई है कि हमें निर्णय ले रहे हैं कि सभी दिल्ली के डेरी फार्म हमें वादा करते हैं कि दूध का काम दिल्ली को सप्लाई देना बंद कर देंगे।

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